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कैसे बच जाते हैं यौन हिंसा के अपराधी?
सरकार का दावा है कि पिछले पांच सालों में औरतों के ख़िलाफ़ हिंसा से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं.
नाबालिगों के बलात्कार के जुर्म के लिए मौत की सज़ा का प्रावधान भी लाया गया है. इससे पहले, साल 2012 में नाबालिगों के ख़िलाफ़ यौन अपराधों से निपटने के लिए पॉक्सो कानून और 2013 में वयस्क महिलाओं के लिए बने क़ानून कड़े किए गए थे.
नतीजा ये कि 2013 में बलात्कार के मामले में 35 फीसदी ज़्यादा दर्ज़ हुए. इसके बाद पुलिस थानों में महिला पुलिस अधिकारियों की ज़्यादा तैनाती, सिर्फ़ महिलाओं वाले थाने और निर्भया फंड जैसी सुविधाएं भी लाई गईं.पर इस सब के बाद भी यौन हिंसा के अपराधियों को सज़ा मिलने की दर महज़ 25 प्रतिशत पर ज्यों की त्यों बनी हुई है.
दिव्या आर्य की विशेष पड़ताल.