उत्तराखंड के पूर्व
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक बयान से इन दिनों नया विवाद पैदा हो गया
है.
दरअसल बीते गुरुवार को
बलिया में एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा
था. इसके बाद से कांग्रेस हमलावर है और बीजेपी को हत्यारे गोडसे की विचारधारा
वाली पार्टी बता रही है.
कांग्रेस का यह भी कहना
है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री के इस
बयान के सुर्खियां बनते ही कांग्रेस हमलावर हो गई. शुक्रवार को पार्टी ने
उत्तराखंड में कई जगह प्रदर्शन कर त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला फूंका.
कांग्रेस के प्रदेश
अध्यक्ष करन माहरा ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “बीजेपी हमेशा दो तरह की राजनीति करती है. एक तरफ
गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री गांधी जी की समाधि पर फूल चढ़ाते हैं, बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं. दूसरी तरफ उनके
मुख्यमंत्री रहे नेता बार-बार गांधी जी के हत्यारे को महिमा मंडित करते हैं, राष्ट्रपिता का अपमान करने की कोशिश करते हैं.”
माहरा कहते हैं, “गोडसे के बयान देखो, वह आदमी कभी देशप्रेमी हो ही नहीं सकता. ऐसे आदमी को
महिमामंडित कर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीजेपी की पोल खोलने का काम किया है.”
माहरा यह भी कहते हैं कि
वह कानून के जानकारों से बात कर रहे हैं और अगर
इस मामले में कोई आधार मिलता है, क्योंकि यह राष्ट्रपिता के अपमान का मामला है, तो वह इस पर कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार
करेंगे.
त्रिवेंद्र सिंह रावत अब
नहीं दे रहे जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री
त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तर प्रदेश के दौरे के बाद दिल्ली होते हुए शनिवार सुबह ही
देहरादून लौटे हैं. वह अब मीडिया का फोन नहीं उठा रहे हैं.
उनके ओएसडी अभय रावत कहते
हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अब इस मामले पर बात नहीं करना चाहते हैं.
उनका कहना है कि जो बात
वीडियो में है, वह काफी है. अब इस विषय
पर बात करने को कुछ और नहीं है.
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बलिया में बीजेपी एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. यहां एक पत्रकार ने उनसे सवाल जवाब के दौरान कहा कि राहुल गांधी लगातार कह रहे हैं कि देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई है, एक गांधी विचारधारा है, एक गोडसे विचारधारा है.
इस पर त्रिवेंद्र कहते हैं, “गांधी लगा लेने से गांधी विचारधारा नहीं हो जाती है. जनेऊ बाहर करने से इनकी जो पहचान है वह नहीं बदल सकती है. ये जो बात करते हैं खाली वह गांधी के नाम को बेचना चाहते हैं. येबेच रहे हैं.”
“देखिए गांधी जी को मारा यह एक अलग इश्यू है लेकिन जितना मैंने गोडसे के बारे में पढ़ा है, जितना जाना है... वह भी एक देशभक्त थे. लेकिन गांधी जी की जो हत्या हुई उससे हम सहमत नहीं हैं.”
त्रिवेंद्र सिंह रावत तो यह बोलकर वहां से चले गए लेकिन उनके बयान से बड़ा विवाद शुरू हो गया.
बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान से किनारा कर लिया है.
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बीबीसी हिंदी से कहा कि यह त्रिवेंद्र सिंह रावत जी का अपना बयान है, पार्टी का इससे कोई लेना देना नहीं है.
वो कहते हैं कि पार्टी तो महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता और राष्ट्रभक्त मानती है.
गोडसे को लेकर सवाल किए जाने पर वह कहते हैं कि इस पर पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है. भारत एक स्वतंत्र देश है और लोग किसी भी विचारधारा को मानने को स्वतंत्र हैं.