कर्नाटक
के बेलगावी में मराठी और कन्नड़ समुदाय के प्रतीकों पर हमलों और पत्थरबाज़ी की
घटनाओं में पुलिस की कई गाड़ियों के क्षतिग्रस्त होने के बाद पूरे शहर में धारा 144
लगा दी गयी है.
पुलिस
ने अब तक इस मामले में 27 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
कर्नाटक के
मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा है कि ज़िम्मेदार लोगों को उकसाने वाला काम नहीं करना चाहिए.
उन्होंने
कहा, “ज़िम्मेदार
लोगों को किसी को उकसाना नहीं चाहिए. शिवाजी महाराज, संगोल रायन्ना और रानी चेन्नम्मा
ने देश को एक किया है. अगर हम उनके नाम पर लड़ने लगेंगे तो ये उनके संघर्ष के साथ
अन्याय होगा."
बता दें कि बेंगलुरु के सदाशिवनगर में छत्रपति शिवाजी की एक प्रतिमा के साथ बेअदबी होने के बाद कुछ लोगों ने शुक्रवार शाम बेलगावी के संभाजी सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया था.
इस विरोध प्रदर्शन के बाद कुछ अज्ञात लोगों ने रात लगभग ढाई बजे अंगोल में स्वतंत्रता सेनानी संगोली रायन्ना की प्रतिमा के साथ बेअदबी की.
बेलगावी के पुलिस कमिश्नर के थिआगराजन ने बीबीसी हिंदी को बताया है, “पूरे शहर में निषेधात्मक आदेश लागू किया गया है. और स्थिति नियंत्रण में है.”
क्यों हुए विरोध प्रदर्शन?
संभाजी सर्किल में देर शाम हुए विरोध प्रदर्शन में लोगों ने शिवाजी महाराज के समर्थन में नारे लगाए.
पुलिस ने जब इस भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की तो पुलिस पर कथित रूप से पत्थरबाज़ी की गई जिसमें पुलिस के कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं.
इसके बाद स्वतंत्रता सेनानी संगोली रायन्ना की आठ फीट ऊंची मूर्ति पर हमला किया गया है.
ये मूर्ति संगोली रायन्ना सेने के स्थानीय अध्यक्ष के निवास में बरामदे में रखी हुई थी.
शुक्रवार देर शाम और शनिवार अल-सुबह जो कुछ हुआ है, वह 13 दिसंबर को हुई घटनाओं की अगली कड़ी है.
इससे पहले 13 दिसंबर को कर्नाटक नवनिर्माण वेदिके के सदस्य महाराष्ट्र एकीकरण समिति के वार्षिक अधिवेशन ‘महा मेलावा’ के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
इस प्रक्रिया में महाराष्ट्र एकीकरण समिति के सदस्यों दीपक दालवी और मनोहर किनेकर के चेहरों पर स्याही फेंकी गयी.
‘महा मेलावा’ महाराष्ट्र एकीकरण समिति का वार्षिक अधिवेशन है जिसके तहत कर्नाटक के बेलगावी ज़िले के कुछ गांवों को महाराष्ट्र में शामिल किए जाने की मांग की जा रही है.
ये वो इलाके हैं जो कि भाषा के आधार पर साल 1956 में राज्यों के बंटवारे के वक़्त कर्नाटक को दिए गए थे.
बीती 13 दिसंबर को ‘महा मेलावा’ कार्यक्रम के आयोजकों और पुलिस के बीच विवाद पैदा हुआ.
इस विवाद में पुलिस का पक्ष ये था कि रैली के आयोजन की इजाज़त नहीं दी गयी थी.
इसके बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर में कुछ शिव-सैनिकों द्वारा एक कन्नड़ झंडा जलाया गया. फिर कर्नाटक में एक भगवा झंडा जलाया गया.
बीते शुक्रवार को बेंगलुरु में शिवाजी की एक मूर्ति के साथ बेअदबी की गयी जिससे बेलगावी शहर में हिंसा फैल गयी.