इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
पूर्व राष्ट्रपति कलाम के सलाहकार रहे श्रीजन पाल सिंह ने सोशल प्लेटफ़ॉर्म फ़ेसबुक पर मरैकयार को याद करते हुए लिखा है-
आप याद आएंगे. डॉ. कलाम के बड़े भाई और मेरे गुरू के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाने वाले मोहम्मद मुथु मीरा लेब्बई मरैकयार का आज निधन हो गया. वह 104 वर्ष के थे. उन्होंने एक साहसपूर्ण जीवन जिया. मुझे याद है कि कैसे डॉ. कलाम अक्सर जीवन की दुविधाओं पर बात करने के लिए और सलाह लेने के लिए अपने बड़े भाई को फ़ोन किया करते थे. उन पुण्य-आत्मा को प्रणाम.
इक्वेटोरियल गिनी में एक के बाद एक ज़बरदस्त विस्फ़ोट, तीन सौ से अधिक जख़्मी
इमेज स्रोत, Reuters
भूमध्यरेखीय गिनी (इक्वेटोरियल
गिनी) के वाणिजियिक केंद्र बाटा में हुए
श्रृंखलाबद्ध विस्फ़ोटों में कम से कम 300 लोग घायल हो गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय
की ओर से मुहैया की गई जानकारी के मुताबिक़, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि
हादसे में कितने लोग मारे गए हैं.
सोशल मीडिया पर दुर्घटना की कुछ
तस्वीरें मौजूद हैं, जिसमें शहर के ऊपर घना धुंआ दिखाई दे रहा है. सरकारी
टेलीविज़न में जो कुछ फ़ुटेज आईं हैं उनमें दिखाई दे रहा है कि लोग हताहत हुए
लोगों की मदद कर रहे हैं और ढह गई इमारतों से लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे
हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्वीट करके
स्वयंसेवी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को घायलों को बाटा के स्थानीय अस्पताल ले जाने
को कहा है. लोगों से अपील भी की गई है कि वे घायलों की मदद के लिए आगे आएं और
रक्तदान करें.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
फ्रांस के अरबपति, राजनेता ओलिवियर डसॉल्ट की हेलिकॉप्टर हादसे में मौत
इमेज स्रोत, Reuters
फ्रांसीसी अरबपति, राजनेता ओलिवियर डसॉल्ट की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल
मैक्रों ने ओलिवियर डसॉल्ट की मौत को बड़ी क्षति बताया है.
उन्होंने ट्वीट किया है-
ओलिवियर डसॉल्ट को फ्रांस से प्यार
था. अपने पूरे जीवन में वो अपने देश की सेवा करने में कभी पीछे नहीं रहे. उनका
आकस्मिक निधन एक बहुत बड़ी क्षति है. उनके परिवार वालों और प्रियजनों के प्रति
मेरी संवेदनाएं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
69 वर्षीय डसॉल्ट, फ्रांसीसी अरबपति सर्ज डसॉल्ट के सबसे बड़े बेटे थे, जिनके समूह ने राफेल युद्धक विमानों का निर्माण किया और जो ले फ़िगारो अख़बार के मालिक हैं.
ईरान में जासूसी के आरोप में क़ैद ब्रितानी महिला को रिहा किया गया
इमेज स्रोत, FREE NAZANIN CAMPAIGN
इमेज कैप्शन, नाज़नीन ज़ग़ारी रैटक्लिफ़
ईरानी मूल की ब्रितानी महिला नाज़नीन ज़ग़ारी रैटक्लिफ़ के वकील ने कहा है कि पांच साल की सज़ा पूरी हो जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है.
हालांकि उनके खिलाफ़ एक दूसरा मुकदमा शुरू कर दिया गया है और उन्हें उसमें पेश करने के लिए तारीख़ तय कर दी गई है.
ज़ग़ारी को तब गिरफ्तार किया गया था जब वो अपने बच्चे के साथ अपने माता-पिता से मिलने गईं थीं.
उनपर जासूसी का आरोप लगाया गया था जिससे उन्होंने हमेशा इनकार किया है.
अपनी कैद का आखिरी वक्त उन्होंने ने घर में नजरबंदी में बिताया था. उनके मामले को लेकर ब्रिटेन और ईरान के बीच सालों तक राजनयिक तनाव रहा है.
बंगाल में बीजेपी जीती तो गुजरात में समय से पहले हो सकते हैं चुनाव: भाजपा मंत्री
इमेज स्रोत, DIBYANGSHU SARKAR/AFP via Getty Images
गुजरात की बीजेपी सरकार में वन और आदिवासी मामलों के मंत्री रमण पाटकर ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अगर भाजपा को जीत हासिल होती है तो राज्य में समय से पहले चुनाव कराये जा सकते हैं.
पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से विधानसभा के लिए आठ चरणों में होने वाले चुनाव शुरू हो रहे हैं जबकि चुनाव आयोग ने मतगणना की तारीख दो मई तय की है.
मौजूदा गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगले साल दिसंबर तक है.
गुजरात के वलसाड ज़िले में पत्रकारों से बात करते हुए वन और आदिवासी मामलों के मंत्री रमण पाटकर ने कहा कि ऐसे वक़्त में जब बीजेपी हर तरफ़ चुनाव जीत रही है तो गुजरात में निश्चित समय से पहले चुनाव कराने के लिए माहौल अनुकूल है.
उन्होंने कहा, "जब बीजेपी हर तरफ़ चुनाव जीत रही है तो पार्टी का संसदीय बोर्ड और राज्य और केंद्रीय नेतृत्व ये समझता है कि गुजरात में इस अनुकूल माहौल में चुनाव कराना बेहतर रहेगा. और अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी जीतती है तो गुजरात में चुनाव कराये जाने की घोषणा आने वाले समय में की जा सकती है."
हाल ही में गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को अच्छी कामयाबी मिली थी. पार्टी ने इन चुनाव में तकरीबन 90 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज की है.
गुजरात के सभी छह नगर निगमों और 81 में से 75 नगरपालिकाएं, सभी 31 ज़िला पंचायत और 231 तालुका पंचायत में से 196 बीजेपी की झोली में गईं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: कोलकाता में मोदी बोले, बंगाल में होगा 'आशोल पोरिबोरतोन'
इमेज स्रोत, ANI
अपने लंबे फिल्मी करियर में राजनेता की भूमिका तो वे दर्जनों बार निभा चुके हैं और इसके लिए प्रशंसकों की सराहना भी बटोरी है.
कभी लेफ्ट के करीबी रहे गरीबों के अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले मिथुन चक्रवर्ती के बरास्ता टीएमसी अब बीजेपी तक के सफर की तुलना उनकी किसी पुरानी हिट फिल्म के नए अवतार में रिलीज होने से की जा सकती है.
ये बात दीगर है कि रील लाइफ में उन्होंने अपनी फिल्मों में भले राजनेता की भूमका में अपनी छाप छोड़ी हो, रीयल लाइफ़ ने राजनीति उनको कभी रास नहीं आई.
ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि बीते करीब पांच वर्षों से सक्रिय राजनीति से दूरी बना चुके मिथुन ने दोबारा राजनीति में आने और खेमा बदलने का फैसला क्यों किया.
अमेरिकी प्रतिबंधों से यूं तबाह हो रहा है चीनी कंपनी ख़्वावे का कारोबार
इमेज स्रोत, Getty Images
क्या आपके पास ख्वावे का मोबाइल फोन है? इसे संभालकर रखना चाहिए. अगले कुछ वर्षों में यह चीन के बाहर एक दुर्लभ चीज हो सकता है.
कभी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी रही ख्वावे को 2021 में बड़े पैमाने पर उत्पादन में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
फाइनेंशियल टाइम्स का अनुमान है कि यह कटौती करीब 60 फीसद होगी.
रिसर्ट फर्म गार्टनर के मुताबिक, 2019 के अंत में ख़्वावे की रैंकिंग सैमसंग और ऐपल के बाद तीसरे नंबर पर थी.
लेकिन, एक साल बाद ही कंपनी दो पायदान लुढ़कर पांचवें नंबर पर पहुंच गई. दूसरी तरफ, ऐपल पहले नंबर पर आ गई.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली के साथ.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावः कैम्पेन के लिए ममता ने मांगी हेमंत सोरेन की मदद
इमेज स्रोत, DIPTENDU DUTTA/AFP via Getty Images
तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में उनके लिए प्रचार करने के लिए आग्रह किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से बताया है कि जेमम इस बारे में जल्द ही फ़ैसला लेगी.
ये बात इसलिए भी अहम हो जाती है कि कांग्रेस झारखंड में जेमम के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन की हिस्सेदार है और वो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के ख़िलाफ़ वाम मोर्च की अगुवाई वाले गठजोड़ का हिस्सा है.
राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और शिव सेना की ओर समर्थन मिलने के बाद पिछले हफ़्ते ममता बनर्जी ने कहा था कि विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी तृणमूल का समर्थन किया है.
जब अमेरिकी सिंगर ने टीकाकरण के लिए बदला गाना
कहानी ज़िंदगी की 9: चीफ़ की दावत
वीडियो कैप्शन, कहानी ज़िंदगी की 9: चीफ़ की दावत
ये है बीबीसी हिंदी का ताज़ातरीन पॉडकास्ट 'कहानी ज़िंदगी की'
'कहानी ज़िंदगी की' के हर एपीसोड में रूपा झा आपको सुना रही हैं भारतीय भाषाओं में लिखी ऐसी चुनिंदा कहानियां जो अपने आप में बेमिसाल हैं, जो हमारी और आपकी ज़िंदगी में झांकती हैं और सोचने को मजबूर भी करती हैं.
इस बार की कहानी है चीफ़ की दावत.
ये कहानी भीष्म साहनी ने लिखी है. उन्हें प्रेमचंद के बाद के सबसे महत्वपूर्ण कथाकारों में से एक माना जाता है. उन्होंने 'तमस' जैसा कालजयी उपन्यास और 'कबीरा खड़ा बाज़ार में' जैसा चर्चित नाटक लिखा.
भीष्म साहनी की भाषा पंजाबी थी. वो अंग्रेजी पढ़ाते थे लेकिन उन्होंने हिंदी साहित्य में नए प्रतिमान रचे. भीष्म साहनी का जन्म 8 अगस्त 1915 को रावलपिंडी (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था.
उन्होंने गुरुकुल में हिंदी और संस्कृत की शिक्षा प्राप्त की और बाद में उर्दू और अंग्रेज़ी माध्यम से स्कूली शिक्षा हासिल की. लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से बीए और एमए किया.
भीष्म साहनी ने 16 वर्ष की आयु से ही लिखना प्रारम्भ कर दिया था.
उन्होंने विभिन्न तरह की रचनाएँ लिखीं, जिनमें कहानी, उपन्यास, नाटक, संस्मरण और अनेक लेख शामिल हैं.
राहुल गाँधी के लिए दक्षिण भारत क्या नया ठिकाना है?
वीडियो कैप्शन, राहुल गाँधी के लिए दक्षिण भारत क्या नया ठिकाना है?
राहुल गाँधी ने अरब सागर में छलाँग लगाई और आराम से दूर तक तैरते गए. केरल में नाव पर सवार सभी मछुआरे हैरान रह गए.
तमिलनाडु में राहुल से आधी से भी कम उम्र की एक लड़की ने उन्हें फ़िटनेस चैलेंज दिया, तो उन्होंने बड़ी सहजता से इसे स्वीकार कर लिया.
राहुल ने किसी नौजवान की तरह दिखाया कि वो अइकिडो मार्शल आर्ट जानते हैं.
पिछले हफ़्ते सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी की ये गतिविधियाँ छाई रहीं, ख़ासकर दक्षिण भारत में.
दूसरी तरफ़ मुख्यधारा के मीडिया, अख़बार और टीवी दोनों पर राहुल गाँधी की छात्रों और मछुआरों से बातचीत को पूरी प्राथमिकता दी गई.
उत्तर भारत के चैनलों में राहुल को लेकर शायद ही ऐसा रुख़ होता है.
बुज़कशी: ये कोई मैदान-ए-जंग नहीं बल्कि खेल का मैदान है
वीडियो कैप्शन, बुज़कशी: ये कोई मैदान-ए-जंग नहीं बल्कि खेल का मैदान है
ये कोई मैदान-ए-जंग नहीं बल्कि खेल का मैदान है. घुड़सवारी में महारत रखने के साथ-साथ खिलाड़ियों का ताक़तवर होना भी ज़रूरी है.
मंगोल साम्राज्य में जड़ें रखने वाला ये खेल अफ़ग़ानिस्तान, मध्य एशिया और तुर्की जैसे मुल्कों में ख़ूब मशहूर है.
पोलो की तरह इस खेल में भी स्कोर करने का तरीक़ा काफ़ी दिलचस्प है.
बुज़कशी का सबसे दिलचस्प पहलू ये है कि इसमें गेंद की जगह मरे हुए जानवर का इस्तेमाल होता है.
स्कोर करने के लिए खिलाड़ी घोड़े पर बैठे-बैठे जानवर को उठाकर मैदान का चक्कर लगाते हैं. इसके बाद उसे मैदान के बीचोंबीच बने गोले में लाना होता है.
एक टीम में ज़्यादा से ज़्यादा दस खिलाड़ी होते हैं.
पाकिस्तान के भी कई इलाक़ों में भी इस खेल को पसंद करने के वाले लोग मौजूद हैं.
लेकिन ये ज़्यादातर बलूचिस्तान में ही खेला जाता है. पाकिस्तान बुज़कशी फ़ेडरेशन चाहता है कि इस खेल को और बढ़ावा दिया जाए.
इमरान ख़ान ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप, क्या है मामला?
वीडियो कैप्शन, इमरान ख़ान ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप, क्या है मामला?
इमरान ख़ान की सरकार ने संसद में विश्वास मत हासिल कर लिया है.
342 सीटों के निचले सदन नेशनल असेम्बली में विश्वास मत हासिल करने के लिए उन्हें 172 वोटों की ज़रूरत थी और उन्हें 178 वोट मिले.
बुधवार (तीन मार्च) को पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन सीनेट के लिए हुए चुनाव में इमरान ख़ान की पार्टी के उम्मीदवार मौजूदा वित्त मंत्री हफ़ीज़ शेख़ इस्लामाबाद की प्रतिष्ठित सीट हार गए थे.
उसके बाद इमरान ख़ान ने फ़ैसला किया था कि वो संसद में विश्वास मत हासिल करेंगे. शनिवार को विश्वास मत हासिल करने के बाद इमरान ख़ान ने संसद में दिए अपने भाषण में चुनाव आयोग पर निशाना साधा.
इस पूरे मामले में पाकिस्तान के कराची से वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की टिप्पणी.
मिथुन चक्रवर्ती: कितनी कामयाब रहेगी राजनीति में दूसरी पारी?
इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
अपने लंबे फिल्मी करियर में राजनेता की भूमिका तो वे दर्जनों बार निभा चुके हैं और इसके लिए प्रशंसकों की सराहना भी बटोरी है.
कभी लेफ्ट के करीबी रहे गरीबों के अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले मिथुन चक्रवर्ती के बरास्ता टीएमसी अब बीजेपी तक के सफर की तुलना उनकी किसी पुरानी हिट फिल्म के नए अवतार में रिलीज होने से की जा सकती है.
ये बात दीगर है कि रील लाइफ में उन्होंने अपनी फिल्मों में भले राजनेता की भूमका में अपनी छाप छोड़ी हो, रीयल लाइफ़ ने राजनीति उनको कभी रास नहीं आई.
ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि बीते करीब पांच वर्षों से सक्रिय राजनीति से दूरी बना चुके मिथुन ने दोबारा राजनीति में आने और खेमा बदलने का फैसला क्यों किया. राज्य में अब भी उनके प्रशंसकों की खासी तादाद है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: मोदी बोले, दीदी और उनके लोगों ने बंगाल का भरोसा तोड़ा है
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में रैली कर रहें हैं. रैली में ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल ने परिवर्तन के लिए ही ममता दीदी पर भरोसा किया था.
उन्होंने कहा, "लेकिन दीदी और उनके काडर ने ये भरोसा तोड़ दिया. इन लोगों ने बंगाल का विश्वास तोड़ा. इन लोगों ने बंगाल को अपमानित किया."
"इस बार के विधानसभा चुनाव में एक तरफ टीएमसी है, लेफ्ट-कांग्रेस है, उनका बंगाल विरोधी रवैया है, और दूसरी तरफ खुद बंगाल की जनता कमर कसकर खड़ी हो गई है."
"यहां जो भाजपा की सरकार बनेगी, उसकी नीति, उसके निर्णयों में बंगाल के लोगों का हित सर्वोपरि होगा. यहां जो भाजपा की सरकार बनेगी, आशोल पोरिबोरतोन का मंत्र उसकी प्रेरणा होगा, उसके परिश्रम का आधार होगा"
“आशोल पोरिबोरतोन मतलब, ऐसा बंगाल जहां गरीब से
गरीब को भी आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले. आशोल पोरिबोरतोन मतलब, ऐसा बंगाल जहां हर क्षेत्र, हर वर्ग की विकास में बराबर
की भागीदारी होगी.”
“विश्वास, बंगाल में निवेश बढ़ने का, उद्योग बढ़ने का।विश्वास, बंगाल के पुनर्निर्माण का.विश्वास, बंगाल की
संस्कृति और यहां की परंपराओं की रक्षा का."
"कोलकाता तो सिटी ऑफ जॉय है. कोलकाता के पास समृद्ध अतीत की विरासत भी है और भविष्य की संभावनाएं भी हैं. ऐसा कोई कारण नहीं है कि कोलकाता के कल्चर को सुरक्षित रखते हुए इसे सिटी ऑफ़ फ्यूचर (भविष्य का शहर) ना बनाया जा सके."
"आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इनकी कमीशनबाजी की वजह से कोलकाता एयरपोर्ट से जुड़े कई काम तक रुके हुए हैं. ऐसे रुके हर काम को भाजपा सरकार में तेज गति दी जाएगी. यहां के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को भाजपा सरकार में नई ऊर्जा मिलेगी."
"पश्चिम बंगाल में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विस्तार को भी बल दिया जाएगा. इंजीनियरिंग, डॉक्टर, टेक्नॉलॉजी, ऐसे विषयों की पढ़ाई, बांग्ला भाषा में भी हो, इस पर भी जोर दिया जाएगा."
"हमारा लक्ष्य सिर्फ पश्चिम बंगाल में सत्ता का परिवर्तन करना ही नहीं है. हम बंगाल की राजनीति को विकास केंद्रित करना चाहते हैं. इसलिए हम आशोल पोरिबोरतोन की बात कर रहे हैं."
"आज़ादी के नारे पर कांग्रेस सत्ता में आई थी, आज़ादी के बाद कुछ समय काम हुआ लेकिन फिर बंगाल पर वोटबैंक की राजनीति हावी होती चली गई. इस राजनीति को वामपंथियों ने और बढ़ाया और नारा दिया-
"कांग्रेसेर कालो हाथ, भेंगे दाओ, गुड़िये दाओ."
"ऐसे ही नारों के दम पर वामपंथी सत्ता में आए, लगभग 3 दशक तक सत्ता संभाली. आज उस काले हाथ का क्या हुआ?
जिस हाथ को वामपंथी तब काला समझते थे, वो आज सफेद कैसे हो गया?
जिस हाथ को तोड़ने की बात करते थे, आज उसी का आशीर्वाद लेकर वो चल रहे हैं."
"क्या किसान के, श्रमिक के, कर्मचारी के, जीवन में वो परिवर्तन आया, जो वो चाहते थे?
क्या गरीब के जीवन में कोई परिवर्तन आया?
क्या पश्चिम बंगाल के स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति में परिवर्तन आया?"
"क्या बंगाल के युवाओं के रोज़गार की स्थिति में परिवर्तन आया?
क्या बंगाल के औद्योगीकरण में वो परिवर्तन आया, जितना उसका सामर्थ्य है?
क्या दशकों से चली आ रही खून-खराबे की राजनीति में परिवर्तन आया?"
"माटी की बात करने वालों ने बंगाल का कण-कण, तिनका-तिनका, बिचौलियों, कालाबाज़ारी करने वालों और सिंडिकेट के हवाले कर दिया."
"आज बंगाल का मानुष परेशान है. वो अपनी आंखों के सामने अपनों का खून बहता देखता है।
वो अपनों को अपनी आंखों से सामने लुटते देखता है."
"वो अपनों को इलाज के अभाव में दम तोड़ते देखता है. वो अवसरों के अभाव में अपनों को पलायन करते देख रहा है. और पूरा बंगाल अब एक स्वर में कह रहा है- आर नॉय औन्नॉय."
"आज पश्चिम बंगाल के नौजवान, यहां के बेटे-बेटियां आपसे एक ही सवाल पूछ रहे हैं. उन्होंने आपको दीदी की भूमिका में चुना था. लेकिन आपने खुद को एक ही भतीजे की बुआ तक सीमित क्यों कर दिया?"
"आपने एक ही भतीजे की बुआ होने के मोह को क्यों चुना?
बंगाल के लाखों भतीजे-भतीजियों की आशाओं के बजाय आप अपने भतीजे का लालच पूरा करने में क्यों लग गईं?
आप भी भाई-भतीजावाद के उन कांग्रेसी संस्कारों को छोड़ नहीं पाईं, जिनके खिलाफ़ आपने बगावत की थी."
"अरे दीदी, आप बंगाल की ही नहीं आप तो भारत की बेटी हैं!
कुछ दिन पहले जब आपने स्कूटी संभाली, तो सभी प्रार्थना कर रहे थे कि आप सकुशल रहें!
अच्छा हुआ आप गिरी नहीं, नहीं तो जिस राज्य में वो स्कूटी बनी है, उस राज्य को ही अपना दुश्मन बना लेतीं."
"ये संयोग ही है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले मैं बंगाल की उस धरती पर हूं, जिसने माँ शारदा देवी, मातंगिनी हाजरा, रानी राशमोनी, प्रीतिलता वादेदार, सरला देवी चौधरानी, कामिनी राय जैसी अनेक बेटियां भारत को दीं."
"बंगाल में जल जीवन मिशन इसलिए जरूरी है क्योंकि यहां आज भी डेढ़ करोड़ से ज्यादा घरों में नल से पानी नहीं आता. बंगाल में जल जीवन मिशन इसलिए ज़रूरी है क्योंकि अनेकों जिलों में आर्सेनिक युक्त पानी बच्चों का जीवन तबाह कर रहा है, सभी को बीमार कर रहा है."
"क्या गरीब की चिंता करना, उसकी सेवा करना हमारा कर्तव्य नहीं है?
या हम इस पर भी राजनीति करेंगे?
लेकिन अफसोस, टीएमसी सरकार यही कर रही है. हर घर जल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार जो पैसे भेज रही है, उसका बहुत बड़ा हिस्सा आज तक यहां की सरकार खर्च ही नहीं कर पाई है."
"मैंने अपने दोस्तों के लिए बंगाल में 60 लाख से ज्यादा शौचालय, इज्जतघर बनवाए हैं. मैंने अपने दोस्तों के लिए बंगाल में 32 लाख से अधिक पक्के घर स्वीकृत किए हैं. दलित, पिछड़े, पीड़ित, शोषित, वंचित, सभी दोस्तों को इन योजनाओं का लाभ मिला है."
"बंगाल के चायवाले, यहां के टी गार्डन्स में काम करने वाले हमारे भाई-बहन तो मेरे विशेष दोस्त हैं. मेरे ऐसे कामों से उनकी भी अनेक परेशानियां कम हो रही हैं. हमारी सरकार के प्रयासों से मेरे इन चायवाले दोस्तों को सोशल सेक्योरिटी स्कीम्स का भी लाभ मिलना तय हुआ है."
"कोरोना ने पूरी दुनिया में सबको परेशान किया लेकिन मेरे ये गरीब दोस्त ही थे, जो बहुत परेशान हुए. जब कोरोना आया तो मैंने अपने हर दोस्त को मुफ्त में राशन दिया, मुफ्त गैस सिलेंडर दिया और करोड़ों रुपए बैंक खाते में जमा करवाए."
"दुनिया में कोरोना वैक्सीन इतनी महंगी है. लेकिन मैंने अपने दोस्तों के लिए सरकारी अस्पताल में मुफ्त में टीका लगाने का प्रबंध किया."
"टोलाबाजी, सिंडीकेट, कमीशन कट, आपने इतने घोटाले किये हैं कि अपने आप में करप्शन ओलंपिक्स का खेल आयोजित हो जाए!
आपने लोगो की मेहनत की कमाई से, लोगों की ज़िन्दगियों से खेला है. आपने चाय बागानों को ताला लगा दिया, राज्य को क़र्ज़ में डुबो दिया."
"यहां भर्ती परीक्षाओं में, किस तरह का खेल होता है, छोटी-छोटी लिस्ट रिलीज होती है, लिस्ट रिलीज करने से पहले किस घर में जाकर मंजूरी ली जाती है, कौन से खास लोगों का चयन होता है, ये किसी से छिपा नहीं है.अब ये नहीं चलेगा, अब ये खेल नहीं चलेगा."
"यहां भर्ती परीक्षाओं में, किस तरह का खेल होता है, छोटी-छोटी लिस्ट रिलीज होती है, लिस्ट रिलीज करने से पहले किस घर में जाकर मंजूरी ली जाती है, कौन से खास लोगों का चयन होता है, ये किसी से छिपा नहीं है. अब ये नहीं चलेगा, अब ये खेल नहीं चलेगा."
"गुस्से में मुझे भी क्या-क्या कहा जा रहा है...
कभी रावण कहा जा रहा है,
कभी दानव कहते हैं,
कभी दैत्य,
तो कभी गुंडा...
दीदी, इतना गुस्सा क्यों?"
"दीदी को मैं बरसों से जानता हूं. ये वो दीदी नहीं है, जिन्होंने वामपंथ के अत्याचार के विरुद्ध आवाज़ उठाई थी. दीदी पर अब उनका अपना भी बस नहीं है। दीदी का रिमोट कंट्रोल अब कहीं और है!
इसलिए वो ऐसी बातें कर रही है जो बंगाल की मूल सोच के विरुद्ध है, बंगाल की परंपरा के विरुद्ध हैै."
ब्रेकिंग न्यूज़, बीसीसीआई ने आईपीएल 2021 का शेड्यूल जारी किया
आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने रविवार को वीवो इंडियन प्रीमियर लीग 2021 के शेड्यूल का ऐलान कर दिया है. ये टूर्नामेंट भारत में होना है.
क़रीब दो साल बाद आईपीएल के मैच भारत में होने जा रहे हैं. अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में ये मैच होंगे.
सीज़न की शुरुआत 9 अप्रैल 2021 को चेन्नई में होगी. पहला मैच मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर के बीच होगा.
दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में प्लेऑफ के साथ ही फ़ाइनल मैच भी होगा. फ़ाइनल मैच 30 मई 2021 को होगा.
हर टीम चरण में चार शहरों में मैच खेलेगी.
56 लीग मैचों में चेन्नई, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में 10 मैच होंगे, जबकि अहमदाबाद और दिल्ली में 8-8 मैच होंगे.
आईपीएल के इस एडिशन की ख़ास बात यह है कि सभी मैच ऐसे शहरों में होंगे जो खिलाड़ियों के शहर नहीं होंगे. इसका मतलब यह है कि कोई भी टीम अपने होम ग्राउंड में नहीं खेलेगी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
ब्रेकिंग न्यूज़, मिथुन चक्रवर्ती भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए, बस कुछ ही देर में कोलकाता में होगा पीएम मोदी का भाषण
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
पश्चिम बंगाल से आने वाले फ़िल्म अभिनेता
मिथुन चक्रवर्ती ने रविवार को प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष की मौजूदगी में पार्टी
की सदस्यता ग्रहण की.
कोलकाता के जिस ‘ब्रिगेड परेड ग्राउंड’ में रविवार को पीएम मोदी एक चुनावी जनसभा करने वाले हैं, उसी मंच पर मिथुन चक्रवर्ती
ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने
के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “मैं मानता हूँ कि जो भी बंगाल में
रहता है, वो बंगाली है और जो भी बंगाल में रहने वालों को बाहरी कहेगा और उनके हक़
छीनेगा, मैं उनके सामने खड़ा हो जाऊंगा. मैं कहना चाहता हूँ कि आप अपने बड़े भाई
पर भरोसा रखियेगा.”
भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताया है.
मंच पर भारतीय जनता पार्टी के महासचिव
कैलाश विजयवर्गीय ने भगवा पटका पहनाकर पार्टी में उनका स्वागत किया.
विजयवर्गीय ने रविवार सुबह ही यह दावा
किया था कि मिथुन चक्रवर्ती कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में होने वाली पीएम मोदी के
रैली में उपस्थित रहेंगे.
एक दिन पहले पार्टी में शामिल हुए पूर्व
तृणमूल नेता दिनेश त्रिवेदी भी कोलकाता रैली के मंच पर मौजूद हैं.
70 वर्षीय मिथुन चक्रवर्ती तृणमूल
कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने से पहले, दो वर्ष के लिए पार्टी की ओर से राज्यसभा
सांसद रहे थे.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से
पहले, कई टीएमसी नेताओं ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम लिया है.
रविवार को पीएम मोदी पश्चिम बंगाल
में पहली, बड़ी चुनावी जनसभा करने वाले हैं.
पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में
मतदान होना है जो 27 मार्च से शुरू होकर 29 अप्रैल तक चलेगा. वहीं 2 मई को मतों की
गणना होगी.
गृह मंत्री अमित शाह पहुँचे तमिलनाडु, शुरू किया डोर-टू-डोर कैंपेन
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु
में अपना चुनावी दौरा शुरू करने से पहले कन्याकुमारी के सुचिंद्रम मंदिर में पूजा
की.
इसके बाद उन्होंने सुचिंद्रम शहर
में ‘विजय संकल्प महासंपर्क अभियान’ यानी डोर-टू-डोर कैंपेन की शुरुआत की. इस कैंपेन के
तहत वे स्थानीय लोगों से मिले.
तमिलनाडु के अलावा केरल में भी आज
गृह मंत्री के दो कार्यक्रम होने हैं.
अमेरिकी सीनेट में पास हुआ कोविड-19 राहत पैकेज, बाइडन ने बताया ‘ऐतिहासिक’
इमेज स्रोत, Reuters
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सीनेट
में कोरोना वायरस राहत पैकेज को मंज़ूरी दिये जाने का स्वागत किया है. उन्होंने इसे एक ‘ऐतिहासिक क़दम’ बताया है.
बाइडन ने कहा है कि "यह राहत पैकेज देश में कोरोना वायरस को हराने में मददगार
साबित होगा. यह पैकेज क़रीब दो लाख करोड़ डॉलर का है. अब यह बिल कुछ दिनों में ही हाउस
ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के पास फिर से लौटकर आएगा और इसे यहाँ मंज़ूरी लेनी होगी."
दूसरी ओर, रिपब्लिकन सीनेटर एकजुट होकर इस बिल
का विरोध कर रहे थे.
इस बिल के सीनेट में मंज़ूर होने पर
राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, “45 दिन पहले जब हमने सत्ता संभाली थी, तब मैंने अमेरिकी लोगों से वादा किया था कि आपको दी जाने वाली राहत अब ज़्यादा
दूर नहीं है. आज मैं कह सकता हूँ कि हमने इस वादे को निभाने की राह में एक बड़ा क़दम
उठा लिया है.”
उन्होंने कहा, “इस प्लान में संसाधनों का इस्तेमाल वैक्सीन की मैन्युफ़ैक्चरिंग और उनके वितरण
के काम में तेज़ी लाने के लिए किया जाएगा. इस तरह से हम हरेक अमेरिकी को वैक्सीन दे
पाएंगे. मेरा मानना है कि मई के मध्य तक हमारे पास पर्याप्त वैक्सीन होंगी.”
इस डील के तहत लाखों अमेरिकी लोगों
को एक बार 1,400 डॉलर दिये जाएंगे. इसके अलावा अरबों डॉलर शहरों और राज्यों को दिये
जाएंगे ताकि वो महामारी के असर और दूसरी मुश्किलों से उबर सकें.
बाइडन ने कहा, “इस प्लान से हम वायरस को हरा पायेंगे. इसके ज़रिए हम सबसे ज़्यादा मुश्किलों का
सामना कर रहे परिवारों की मदद कर पाएंगे और उन्हें इस वक़्त जिस राहत की सबसे
ज़्यादा ज़रूरत है, वह मुहैया करा पाएंगे.”
उन्होंने कहा कि “इस प्लान से देश के छोटे कारोबारों को ख़ुद को बचाये रखने का मौक़ा मिलेगा. मैं
एक और बात कहूँगा कि यह प्लान ऐतिहासिक है.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
अपनी पार्टी के ही उदारवादियों को संतुष्ट करने के लिए डेमोक्रेट्स को इस बिल में एक अहम रियायत देनी पड़ी और बेरोज़गारी भुगतान में अपनी प्रस्तावित बढ़ोतरी को कम करना पड़ा. इसके बाद ही यह बिल पास हो पाया.
रिपब्लिकन सांसदों का एक भी वोट इस बिल के समर्थन में नहीं पड़ा. इसके बावजूद बाइडन ने उम्मीद जताई है कि यह बिल हाउस ऑफ़ रेप्रेजेंटेटिव्स में पास हो जाएगा.
बाइडन ने कहा, “अब ये बिल हाउस ऑफ़ रेप्रेजेंटेटिव्स में वापस लौट रहा है. इस सदन ने इसे लेकर शुरुआत से ही शानदार काम किया और मुझे उम्मीद है कि यह वहाँ भी जल्दी पास हो जाएगा. इसके बाद यह मेरी डेस्क पर दस्तख़त के लिए आ जाएगा. मुझे अभी भी उम्मीद है कि रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसद इसमें हमारा सहयोग करेंगे.”