वेस्ट बैंक में 10 चरमपंथियों की मौत- इसराइली सेना

फ़लस्तीनी सूत्रों ने कहा है कि मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है.

सारांश

  • लोकसभा चुनाव: मुरादाबाद से बीजेपी प्रत्याशी का निधन, शुक्रवार को हुई थी वोटिंग
  • बिहार के डिप्टी सीएम बोले- 'राहुल गांधी की वजह से लालू मुखिया चुनाव तक नहीं लड़ सकते'
  • कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने एक चुनावी रैली के दौरान '70 सालों में क्या हुआ' वाले सवाल को लेकर बीजेपी को कहा है कि वह उन देशों को देखे जो भारत के साथ आज़ाद हुए थे.
  • मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज़ टिम डेविड और बैटिंग कोच पोलार्ड पर लगा मैच फ़ीस का 20 फ़ीसदी जुर्माना
  • ईरान और इसराइल के हमलों के बीच इराक़ की सेना ने बड़े विस्फोट का दावा किया.
  • पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज़, कहा- जैसे अमेठी छोड़ना पड़ा वैसे ही वायनाड भी छोड़ेंगे.

लाइव कवरेज

प्रवीण

  1. ईरान पर इसराइल का हमला, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखे नुक़सान के सबूत

    इसराइल-ईरान  हमला

    इमेज स्रोत, EPA

    बीते 24 घंटों में जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों में ईरान के एयर बेस पर हुए नुक़सान के सबूत नज़र आते हैं.

    शुक्रवार सुबह इसराइल ने ईरान को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया था.

    हालांकि ईरान ने इसराइल के इस हमले को ख़ारिज करते हुए कहा था कि ईरान के किसी सैन्य ठिकाने को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है.

    बीबीसी वेरीफ़ाई ने ऐसी दो तस्वीरों का विश्लेषण किया है जिनमें ईरान के इस्फ़हान शहर के एयरबेस पर एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट नज़र आ रहा है.

    अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि इसराइल ने ईरान पर मिसाइल हमला किया है, हालांकि इसराइल ने इसे लेकर कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

    हाल के दिनों में इसराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा है.

    सीरिया के दमिश्क़ में ईरान के दूतावास पर इसराइल के हमले में कई शीर्ष ईरानी कमांडरों की मौत के जवाब में ईरान ने बीते सप्ताह इसराइल पर तीन सौ से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे.

    हालांकि इनमें से अधिकतर को आसमान में ही नष्ट कर दिया गया था. इसराइल का दावा है कि ईरान के इस नाकाम हमले में उसे कोई नुक़सान नहीं हुआ.

    शुक्रवार को ईरान पर इसराइल के हमले के बाद से ही ये सवाल उठ रहा था कि इसराइल ने ईरान के किस ठिकाने को निशाना बनाया है.

    इस्फ़हान, ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भी केंद्र है.

    अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि इसराइल ने अपने हमले में किस तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया, लेकिन सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में एयरबेस पर नुक़सान नज़र आ रहा है.

  2. वेस्ट बैंक में 10 चरमपंथियों की मौत- इसराइली सेना

    वेस्ट बैंक में छापेमारी

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    वेस्ट बैंक के नूर-शम्स रिफ्यूजी कैम्प में इसराइली छापेमारी के दूसरे दिन भी इसराइली सैनिकों और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच दो दिनों से गोलीबारी जारी है.

    इसराइली सेना के अनुसार, इस गोलीबारी में कई लोगों की मौत की ख़बर है, जिनमें से 10 चरमपंथी हैं.

    फ़लस्तीनी सूत्रों का कहना है कि कम से कम पाँच लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है.

    इस दौरान कम से कम चार इसराइली सैनिकों के भी घायल होने की ख़बर है.

    इससे पहले इराक़ की सेना ने कहा था कि बग़दाद के दक्षिणी हिस्से में एक ठिकाने पर हुए बड़े विस्फोट में ईरान समर्थक मिलिशिया के एक सदस्य की मौत हुई है और आठ अन्य लोग घायल हुए हैं.

    ईरान समर्थित चरमपंथी गुट पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ ने खुद कहा है कि ये विस्फोट एक हमले का नतीजा था. ये विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब इसराइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है.

  3. डोनाल्ड ट्रंप के केस की सुनवाई के दौरान ख़ुद को आग लगाने वाले शख़्स की मौत

    मैक्सवेल एज़ारेलो मैनहैट्टन कोर्ट के बाहर एक पोस्टर लिए खड़े दिखे

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    इमेज कैप्शन, मैक्सवेल एज़ारेलो मैनहैट्टन कोर्ट के बाहर एक पोस्टर लिए खड़े दिखे

    डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े एक केस की सुनवाई के दौरान अदालत के बाहर खुद को आग लगाने वाले शख्स की मौत हो गई है.

    37 वर्षीय मैक्सवेल एज़ारेलो ने पहले हवा में कुछ पर्चे फेंके और फिर खुद पर छिड़काव कर आग लगा ली.

    ये घटना ऐसे समय घटी है जब डोनाल्ड ट्रंप के केस की सुनवाई के लिए जूरी के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है.

    अमेरिका में बीबीसी के सहयोगी सीबीएस न्यूज़ के अनुसार, मैक्सवेल को गंभीर हालत में शुक्रवार को अस्पताल ले जाया गया जहाँ बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया.

    ट्रंप जूरी चुनने के लिए अदालत पहुंचे थे लेकिन जिस समय ये घटना हुई, वह जा चुके थे. आपातकालीन सेवा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि एज़ारेलो के खुद को आग लगाने से अदालत की सुरक्षा में किसी तरह की सेंध नहीं लगी.

    जाँचकर्ताओं के अनुसार एज़ारेलो पिछले सप्ताह गही किसी दिन फ़्लोरिडा में अपने घर से मैनहैट्टन आए थे. उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उनके परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि एज़ारेलो मैनहैट्टन जा रहे हैं.

  4. लालू प्रसाद यादव के बच्चों पर नीतीश कुमार की टिप्पणी को लेकर मीसा भारती ने दी प्रतिक्रिया

    लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार

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    इमेज कैप्शन, लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार (फ़ाइल फोटो)

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को लेकर की गई एक टिप्पणी पर अब उनकी बेटी मीसा भारती ने प्रतिक्रिया दी है.

    नीतीश कुमार ने एक जनसभा के दौरान लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बग़ैर कहा, "हट गए (सीएम पद से) तो बीवी को बना दिया. अब आजकल बाल-बच्चा को. पैदा तो बहुत कर दिया. इतना ज़्यादा बाल बच्चा पैदा करना चाहिए किसी को? अब उसी में कितनी बेटियों और दो बेटों को सबको लगा दिया (राजनीति में)."

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    मीसा भारती से जब नीतीश कुमार की इस टिप्पणी पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब वह हमारे साथ थे तब उन्हें ये नहीं पता था क्या?

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    मीसा भारती ने कहा, "चाचा जी के लिए क्या बोलें. अब बिहार की जनता समझेगी कि बिहार के मुख्यमंत्री क्या कहना चाह रहे हैं. हम समझ नहीं पा रहे हैं. जब हमारे साथ थे तो उनको नहीं पता था? अब मोदी जी बंद कर दिए हैं परिवारवाद पर बोलना तो चाचा जी ने शुरू कर दिया है."

    मीसा भारती बिहार के पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से आरजेडी की प्रत्याशी भी हैं.

    नीतीश कुमार ने इसी साल जनवरी में में महागठबंधन से अलग होकर एक बार फिर से बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी.

  5. अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़ ने कहा- 'ये कहना गलत है कि 2014 से पहले कुछ नहीं हुआ', रवि प्रकाश, रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए

    ज्यां द्रेज़

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    मशहूर अर्थशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज़ का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था का वर्तमान स्वरूप आने वाले पांच साल में देश को अधिक बुरी हालत में डालने वाला है.

    उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक असमानता बड़े स्तर पर बढ़ेगी. इससे देश का आम नागरिक परेशान होगा. क्योंकि, भारत की मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में पिछले 10 साल में लोगों की वास्तविक मज़दूरी में कोई वृद्धि नहीं हुई है.

    उन्होंने कहा कि सरकार के आंकड़े ही अर्थव्यवस्था की कमियां उजागर कर रहे हैं. हमें इस पर चिंता करने की ज़रूरत है.

    ज्यां द्रेज और आईआईटी दिल्ली में अर्थशास्त्र की प्रोफ़ेसर रितिका खेड़ा ने रांची प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता में आंकड़ों के साथ अर्थव्यवस्था से जुड़े तथ्य बताए.

    इस कॉन्फ़्रेंस का आयोजन लोकतंत्र बचाओ मोर्चा ने किया था. इस दौरान भारत की आज़ादी के बाद साल 1951 से देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिति में हुए ग्रोथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2014 के दौरान हुए विकास की भी तुलना की गई.

    मोदी सरकार से पहले कहां खड़ा था भारत?

    ज्यां द्रेज ने कहा, "यह कहा जाना गलत है भारत में साल 2014 से पहले कुछ हुआ ही नहीं. देश के लोगों की प्रति व्यक्ति आय (कांस्टेंट प्राइस) 1951 में सिर्फ़ 100 थी, जो साल 2011 में 511 हो गई. लाइफ एक्सपेक्टेंसी 1951 में सिर्फ़ 32 साल थी, जो साल 2011 तक 66 साल हो चुकी थी."

    "इसी अवधि में महिलाओं की साक्षरता दर नौ फ़ीसदी से बढ़कर 65 और पुरूषों की 27 से बढ़कर 82 फ़ीसदी हो गई. नवजात शिशुओं के मृत्यु दर पर ज़बरदस्त तरीक़े से काबू पाया गया. 1951 में जहां प्रति 1000 नवजात बच्चों में से 180 की मौत हो जाती थी, वह संख्या साल 2011 में घटकर 44 पर आ गई. यह मोदी सरकार के पहले की उपलब्धियां हैं."

    अर्थशास्त्री रितिका खेड़ा (दाएं) ज्यां द्रेज़ के साथ

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    मोदी सरकार में इकोनॉमी नीचे गई

    ज्यां द्रेज ने कहा, "यूपीए सरकार में ग्रॉस नेशनल इनकम (कांस्टेंट प्राइस) 6.8 फ़ीसदी था, जो बीजेपी की मौजूदा सरकार में घटकर 5.5 पर आ गया. रियल कंजप्शन 5 से घटकर 3 पर आया. कृषि मज़दूरों की वार्षिक वृद्धि दर साल 2004-05 और 2014-15 के बीच 6.8 प्रतिशत थी. वह साल 2014-15 से 2021-22 के दौरान घटकर माइनस 1.3 प्रतिशत हो गई."

    नहीं हुई जनगणना, नहीं मिला लाभ

    ज्यां द्रेज और रितिका खेड़ा ने कहा कि भारत सरकार ने साल 2021 में जनगणना ही नहीं कराई. आज़ादी के बाद ऐसा पहली दफ़ा हुआ, जब जनगणना ही नहीं हुई. इस कारण अकेले झारखंड में 44 लाख योग्य लोग जन वितरण प्रणाली की सुविधाओं से वंचित हैं. पूरे देश में ऐसे वंचित लोगों की संख्या 100 मिलियन से भी अधिक है.

    योजनाओं के नाम बदले, इससे कई दिक़्क़तें

    अर्थशास्त्री रितिका खेड़ा ने कहा, "मोदी सरकार में कई पुरानी योजनाओं के नाम बदल दिए गए. इन्होंने न केवल यूपीए सरकार के समय से चल रही योजनाओं के नाम बदले, बल्कि अपनी सरकार की योजनाओं की भी री-ब्रैंडिंग की. मसलन, आयुष्मान योजना के तहत चलने वाले वेलनेस सेंटर का नाम अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया गया. केरल सरकार ने मलयाली भाषा भाषियों के लिए इसका पुराना नाम ही रखने की अपील की, तो सरकार इसपर सहमत नहीं हुई. इससे केरल के लोगों को इसका लाभ ही नहीं मिल पा रहा है."

    कहां है अर्थव्यवस्था

    रितिका खेड़ा ने कहा, "भारत सरकार में शामिल नेता गर्व से कहते हैं कि जीडीपी के मामले में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर आ गया है. लेकिन, प्रति व्यक्ति आय के नज़रिये से भारत का रैंक दुनिया के 170 देशों में 120 वें नंबर पर है. यह कैसी ग्रोथ है. इसपर सवाल तो उठने ही चाहिए."

  6. डीडी न्यूज़ ने बदला लोगो, प्रसार भारती पर विपक्ष ने लगाया ‘प्रचार भारती’ होने का आरोप – प्रेस रिव्यू

  7. मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज़ टिम डेविड और बैटिंग कोच पोलार्ड पर लगा जुर्माना

    टिम डेविड

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    मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज़ टिम डेविड और बैटिंग कोच केरॉन पोलार्ड पर आईपीएल के कोड ऑफ़ कंडक्ट्स का उल्लंघन करने के लिए मैच फ़ीस का 20 फ़ीसदी जुर्माना लगाया गया है.

    ये उल्लंघन 18 अप्रैल को पंजाब किंग्स के साथ हुए मुक़ाबले के दौरान दर्ज किया गया था.

    इंडियन प्रीमियर लीग की मीडिया एडवाइज़री के अनुसार डेविड और पोलार्ड ने आईपीएल कोड ऑफ़ कंडक्ट्स के आर्टिकल 2.20 के तहत लेवल 1 का उल्लंघन किया था. दोनों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है.

    ये फ़ाइन मैच के एक वायरल वीडियो पर हुए विवाद के बाद लगाया गया है, जिसमें डगआउट में बैठे टीम के सदस्य और सपोर्ट स्टाफ़ कथित तौर पर सूर्यकुमार यादव को रिव्यू लेने में गलत तरीके से मदद करते दिखे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, मुंबई की पारी के 15वें ओवर में अर्शदीप ने गेंद फेंकी जो ऑफ़ स्टंप से काफ़ी दूर थी और लाइन के काफ़ी करीब. सूर्यकुमार यादव ने अंपायर से बात की लेकिन अंपायर ने इसे सही डिलिवरी बताया.

    हालांकि, टीवी कैमरा में दिखा कि मुंबई इंडियंस के कोच मार्क बाउचर सूर्यकुमार यादव की ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि गेंद वाइड थी, जिसके बाद डेविड और पोलार्ड सूर्या से रिव्यू लेने के लिए कहते हैं. ये नियमों के हिसाब से मान्य नहीं है.

    इस मैच में मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को नौ रनों से हराया था.

  8. आकाश आनंद बीएसपी के बीजेपी के साथ जाने की संभावना पर क्या बोले

  9. ग़ज़ा की इस तस्वीर ने जीता 'वर्ल्ड प्रेस फ़ोटो ऑफ़ द ईयर' अवॉर्ड, क्या है पूरी कहानी

  10. 'घर में घुसकर मारने' वाले बयान से चुनावी प्रचार में क्या हासिल करना चाहती है मोदी सरकार

  11. अमेरिका: कोर्ट के बाहर ख़ुद को आग लगाने वाले शख़्स की मौत, अंदर ट्रंप मामले की हो रही थी सुनवाई