इमेज कैप्शन, म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत ने कहा कि हम स्थिति पर नज़र बनाए रखेंगे
म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत ने उन्हें मदद भेजी है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को ये जानकारी दी.
एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "म्यांमार के लोगों के लिए पहली खेप के रूप में तात्कालिक मानवीय सहायता भेजी गई."
उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना का सी-130 कंबल, तिरपाल, स्वच्छता किट, स्लीपिंग बैग, सोलर लैंप, फूड पैकेट और किचन सेट ले जा रहा है.
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि विमान में एक सर्च और रेस्क्यू टीम के अलावा मेडिकल टीम भी है.
एस जयशंकर ने कहा कि हम स्थिति पर नज़र बनाए रखेंगे और आगे भी सहायता भेजी जाएगी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इसे ऑपरेशन ब्रह्मा नाम दिया गया है. उन्होंने बताया कि 15 टन वाली राहत सामग्री की पहली खेप म्यांमार पहुँच गई है.
म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप के कारण अब तक कम से कम 144 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 732 लोग घायल हुए हैं.
शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने तबाही मचा दी है.
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राहुल गांधी के 'संसद में बोलने नहीं दिया जाता वाले' बयान पर अमित शाह क्या बोले?
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इमेज कैप्शन, अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी से सवाल है कि आपकी पार्टी को कितने घंटे बोलने के लिए समय दिया गया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सदन में नहीं बोलने दिया जाता के आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है.
अमित शाह ने एक प्राइवेट न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, "राहुल गांधी को शायद मालूम नहीं होगा, लेकिन आपको तो मालूम होना चाहिए. पार्लियामेंट में बोलने के रूल होते हैं."
"बजट पर चर्चा हुई और उनको 42 प्रतिशत समय दिया गया. ये उनको तय करना है कि किसको बोलना है, हम कैसे रोक सकते हैं. सब डिपार्टमेंट पर चर्चा हुई. बड़ा-बड़ा 40 प्रतिशत टाइम विपक्ष को दिया गया. वो विपक्ष के सम्माननीय नेता हैं. वो तो वियतनाम थे तो कैसे बोल सकते हैं."
"जब मैं आऊंगा तब बोलूंगा...यह पार्लियामेंट है, पार्टी का दफ्तर नहीं. यहां कुछ नियम बने हैं."
अमित शाह ने कहा, "मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि आपकी पार्टी को कितने घंटे बोलने के लिए समय दिया गया और आप क्यों नहीं बोले."
राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था, “विपक्ष के नेता को संसद में बोलने दिया जाता है. जब भी मैं बोलने के लिए खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता है. पता नहीं, संसद किस तरह से चल रही है. जो हम कहना चाहते है, हमें कहने नहीं देते.”
म्यांमार और थाईलैंड के बाद अब इस देश में भी आया भूकंप
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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए (सांकेतिक तस्वीर)
अफ़ग़ानिस्तान में शनिवार की सुबह लगातार दो भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इसकी जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने दी.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि अफ़ग़ानिस्तान में आए पहले भूकंप के झटके की तीव्रता 4.3 आंकी गई थी. इसके बाद आए भूकंप की तीव्रता 4.7 थी.
दूसरी बार आए भूकंप का केंद्र ज़मीन से 180 किलोमीटर नीचे था. वहीं, पहली बार आए भूकंप का केंद्र ज़मीन से 221 किलोमीटर नीचे था.
शुक्रवार को ही म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए थे. भूकंप ने दोनों देशों में तबाही मचा दी है.
म्यांमार में भूकंप से 144 की हुई मौत, 700 से अधिक लोग घायल
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इमेज कैप्शन, म्यांमार में आए भूकंप के झटके उसके पड़ोसी देश थाईलैंड में भी महसूस किए गए
म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप के कारण अब तक कम से कम 144 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 732 लोग घायल हुए हैं.
बीबीसी बर्मा की टीम को ये जानकारी म्यांमार के सैन्य शासन प्रमुख मिन ऑन्ग हल्येंग की ओर से आई है. उनका साथ ही कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या और बढ़ सकती है.
म्यांमार में 2021 से ही सैन्य शासन है.
वहीं, थाईलैंड में एक इमारत के ढहने से अभी तक भूकंप में तीन लोगों की मौत हो चुकी है.
हालांकि, इसके बाद से अभी तक थाईलैंड के प्रशासन ने नहीं बताया है कि कितने लोगों की मौत हुई है या कितने लोग घायल हुए हैं.
शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने कई इमारतों को ध्वस्त कर दिया. म्यांमार के साथ ही थाईलैंड और चीन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.
कनाडा के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के बाद क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, कार्नी ने ट्रंप के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत को "बहुत रचनात्मक बताया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे फ़ोन पर कहा कि वो कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करते हैं.
दोनों नेताओं के बीच ये पहली बार है कि फ़ोन पर बात हुई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्क कार्नी से ऐसे समय में बात की है जब अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर चल रहा है. डोनाल्ड ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बता चुके हैं.
कार्नी ने ट्रंप के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत को "बहुत रचनात्मक बताया. वहीं ट्रंप ने बातचीत को "बहुत उपयोगी" बताया.
ट्रंप एलान कर चुके हैं कि वो आयातित वाहनों के पार्ट्स पर 25 फ़ीसदी टैक्स लगाएंगे. ये कनाडा की कार इंडस्ट्री के लिए काफ़ी नुक़सानदायक होगा.
कनाडाई प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने चुनाव (28 अप्रैल को होगा) के तुरंत बाद एक नए आर्थिक और सुरक्षा संबंध पर व्यापक वार्ता शुरू करने पर सहमति व्यक्त की.
मार्क कार्नी ने एक दिन पहले ही कहा था कि कनाडा का अमेरिका के साथ वो पुराना रिश्ता जो बुनियादी तौर पर अर्थव्यवस्था को एकीकृत करने, सुरक्षा और सैन्य सहयोग को गहरा करने पर आधारित था, अब ख़त्म हो गया है.
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