प्रियंका गांधी 'फ़लस्तीन बैग' पर योगी आदित्यनाथ के तंज़ के बाद ये बोलीं

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए वायनाड सांसद प्रियंका गांधी के संसद परिसर में फ़लस्तीन लिखा बैग ले जाने पर तंज़ कसा था, जिस पर प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.

सारांश

  • प्रियंका गांधी ने अपने 'फ़लस्तीन बैग' पर योगी आदित्यनाथ के तंज़ के बाद प्रतिक्रिया दी है.
  • राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान में बदलाव पर अपनी बात रखी है.
  • गृह मंत्री अमित शाह कांग्रेस पार्टी, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी से लेकर मोदी सरकार पर भी बोले.
  • विश्वविद्यालयों में चांसलर के पद पर राज्यपालों की बजाय मुख्यमंत्रियों को जगह देने वाले राज्यों में अब कर्नाटक का नाम भी शामिल हो गया है.
  • यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने ही मॉस्को में एक विस्फोट के ज़रिये रूस की सेना के प्रमुख अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल आइगोर किरिलोव की हत्या की है.
  • ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ब्रिसबेन टेस्ट में भारत ने बचाया फॉलोऑन.

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, कीर्ति रावत

  1. नमस्कार!

    मंगलवार के लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. अब बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत को दीजिए इजाज़त.

    बुधवार को हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर से हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल के लिए हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें हैं, जिन्हें आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

    - देश में लोकसभा और राज्यों की विधानसभा के चुनाव साथ कराने से जुड़ा विधेयक मंगलवार को संसद के निचले सदन में पेश हुआ. जानिए इस विधेयक पर सरकार और विपक्ष का क्या कहना है?

    - ऑस्ट्रेलिया में मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी में विराट कोहली ने पांच पारियों में महज़ 126 रन बनाएं हैं, जिसमें एक शतक भी शामिल है. उनकी रन बनाने की धीमी रफ़्तार के कारण उनका कुल औसत भी आठ सालों में सबसे कम पर आ गया है. पढ़िए किस तरह से सचिन तेंदुलकर की ये पारी बन सकती है उनके लिए नज़ीर.

    - संख्या के मामले में दुनिया में अंटार्कटिका के बाद सबसे ज़्यादा ग्लेशियर पाकिस्तान में पाए जाते हैं और इनमें 550 बड़े ग्लेशियर चित्राल में हैं जो इस इलाक़े का 13 फ़ीसदी है. लेकिन इस हसीन वादी और यहां रहने वालों पर एक बड़ा ख़तरा मंडरा रहा है. पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें.

  2. प्रियंका गांधी ने अपने 'फ़लस्तीन हैंडबैग' पर योगी आदित्यनाथ के तंज़ के बाद ये कहा

    प्रियंका गांधी

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    इमेज कैप्शन, प्रियंका गांधी ने अपने एक्स अकांउट पर लिखा है कि "अपने युवाओं को रोज़गार के लिए युद्ध क्षेत्र में झोंक देना पीठ थपथपाने की नहीं, बल्कि शर्म की बात है."

    उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए वायनाड सांसद प्रियंका गांधी के संसद परिसर में फ़लस्तीन लिखा हैंडबैग ले जाने पर तंज़ कसा था, जिस पर प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने अपने एक्स अकांउट पर लिखा है, "यूपी के युवाओं को यहां रोज़गार देने की जगह उन्हें युद्धग्रस्त इसराइल भेजने वाले इसे अपनी उपलब्धि बता रहे हैं. उन्हें न तो प्रदेश की बेरोज़गारी का हाल पता है, न ही उन युवाओं और उनके परिवारों की पीड़ा.

    "खबरों के मुताबिक़, इसराइल में काम करने गए युवा बंकरों में छिपकर अपनी जान बचा रहे हैं और कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं. उनके परिवार वाले हर दम डरे रहते हैं. हमारे होनहार युवा रोज़गार के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं क्योंकि आप रोज़गार दे ही नहीं सकते."

    यूपी विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रियंका गांधी पर तंज़ कसते हुए कहा था कि "कल कांग्रेस की एक नेत्री संसद में फ़लस्तीन का बैग लेकर घूम रही थीं और हम यूपी के नौजवानों को इसराइल भेज रहे हैं. यूपी के अब तक 5600 जवान निर्माण कार्य करने के लिए इसराइल गए हैं."

  3. कर्नाटक के विश्वविद्यालयों में राज्यपाल की जगह सीएम होंगे चांसलर, विधानसभा में पास हुआ बिल, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए

    सिद्धारमैया

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    इमेज कैप्शन, कर्नाटक के राज्यपाल की मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से खींचतान के बीच ये संशोधन विधेयक कैबिनेट के सामने विचार-विमर्श के लिए आया था

    विश्वविद्यालयों में चांसलर के पद पर राज्यपालों की बजाय मुख्यमंत्रियों को जगह देने वाले राज्यों में अब कर्नाटक का नाम भी शामिल हो गया है.

    इससे पहले केरल, तमिलनाडु और गुजरात में भी यही प्रावधान किया जा चुका है.

    कर्नाटक की विधानसभा में मंगलवार को कर्नाटक राज्य ग्रामीण विकास और पंचायत राज (संशोधन) विधेयक पारित किया गया.

    कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से खींचतान के बीच ये संशोधन विधेयक राज्य की कैबिनेट के सामने विचार-विमर्श के लिए आया था.

    राज्यपाल और सीएम के बीच बीते साल कुछ विश्वविद्यालयों के कुलपति की नियुक्तियों पर टकराव देखने को मिला था.

    विधानसभा में जब विपक्षी बीजेपी ने इस विधेयक का विरोध किया तब राज्य के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि ये मिसाल गुजरात में बीजेपी की सरकार ने ही रखी है, जहाँ राज्यपाल की शक्तियां छीन ली गईं.

    विधेयक को लाने के कारण और उद्देश्यों के बारे में कहा गया है, "कर्नाटक राज्य ग्रामीण विकास और पंचायत राज यूनिवर्सिटी एक्ट 2016 में संशोधन करना इसलिए ज़रूरी समझा गया है ताकि (1) मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाया जा सके और (2) जिससे सर्च कमिटी के सुझाए तीन सदस्यों वाले पैनल से चांसलर द्वारा कुलपतियों की नियुक्ति का प्रावधान किया जा सके."

    बीते कुछ सालों में राज्यपालों और राज्य सरकारों के बीच टकराव के मामले तेज़ी से बढ़े हैं, ख़ासतौर पर जो राज्य ग़ैर-बीजेपी शासित हैं.

    वाइस चांसलरों यानी कुलपतियों की नियुक्ति के मुद्दे पर केरल में राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच तो टकराव लंबे समय तक देखा गया है.

    तमिलनाडु में भी स्थितियां कुछ ऐसी ही हैं. यहां राज्यपाल एन रवि और मुख्यमंत्री एके स्टालिन के बीच ये टकराव है. तमिलनाडु की विधानसभा में अप्रैल 2022 में ही एक विधेयक पास किया गया था, जिसके तहत राज्य के 13 विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर नियुक्त करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया.

    केरल और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने तो इन विधेयकों के राज्यपाल के पास लंबित रहने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाया था.

    बीते महीने ही कर्नाटक की कैबिनेट ने एक निजी विश्वविद्यालय चाणक्य यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के सदस्य के तौर पर एक सरकारी नॉमिनी के नामांकन को स्वीकृति दी थी.

    शिक्षाविद् प्रोफ़ेसर वीपी निरंजनाराध्य ने बीबीसी हिंदी से कहा, "अगर आप पड़ोसी राज्यों में होने वाले विकास और यूनिवर्सिटी की नियुक्तियों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नज़रअंदाज़ करते हुए राज्यपालों की अत्यधिक भूमिका को देखें, तो ये एक अच्छा क़दम है. इससे विश्वविद्यालयों के विकास में मदद होगी क्योंकि मुख्यमंत्री विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होंगे. दुर्भाग्य से राज्यपाल ख़ुद ही इसके लिए ज़िम्मेदार हैं."

  4. पाकिस्तानी मूल की बच्ची की हत्या के लिए पिता और सौतेली मां को मिली उम्रक़ैद

    सारा शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, सारा की हत्या के मामले में फ़ैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि सारा को गीत गाना और डांस करना बहुत पसंद था

    पाकिस्तानी मूल की ब्रिटिश नागरिक सारा शरीफ़ के हत्या मामले में अदालत ने उनके पिता उरफ़ान शरीफ़ और सौतेली मां बिनाश बतूल को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

    अगस्त 2023 में सारा का शव उनके घर से बरामद किया गया था.

    ब्रिटिश अदालत ने सारा शरीफ़ की हत्या के मामले में उनके चाचा फ़ैसल मलिक को दोषी क़रार नहीं दिया है, लेकिन एक बच्चे की हत्या होने देने के लिए उन्हें 16 साल जेल की सज़ा मिली है.

    इस मामले में सज़ा सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि सारा को बार-बार काफ़ी ज़ोर से पीटा गया और उन्हें बहुत यातनाएं दी गईं.

    न्यायाधीश ने फ़ैसला सुनाते हुए 10 साल की सारा को काफ़ी साहसी बताया.

    सारा की मां ओल्गा ने एक बयान में कहा कि उनकी बेटी 'हमेशा मुस्कुराती रहती थी' और उसका 'अपना अलग चरित्र था.'

  5. संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह सावरकर पर भी बोले

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर वह एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्हें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान दो आजीवन कारावास की सज़ा हुई थी

    संविधान पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विनायक दामोदर सावरकर का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य ने सावरकर जी के लिए जो शब्द कहे मैं उन्हें नहीं दोहराऊंगा. सावरकर के साथ जो वीर लगा है वो 140 करोड़ लोगों ने दिया है. ऐसे उत्कृष्ट देशभक्त के बारे में लगातार कई सालों से झूठ फैलाया जाता है.”

    “मैं आज रिकॉर्ड पर कहना चाहता हूं कि 1857 से लेकर 1947 तक स्वतंत्रता संग्राम में किसी भी एक व्यक्ति को दो आजीवन कारावास हुए हैं तो वो वीर सावरकर हैं. टॉयलेट तोड़कर दरिया में छलांग लगाने का साहस किसी में था तो वो वीर सावरकर में था. काला पानी की सज़ा में एक ही जेल में रहते हुए 10 साल तक उन्होंने अपने भाई को नहीं देखा.”

    अमित शाह ने सावरकर के एक वक्तव्य को दोहराते हुए कहा कि ये देशभक्ति के वाक्य जिस व्यक्ति के मुंह से निकले हों उसके लिए ऐसे वाक्य सदन में बोले जाते हैं.

    उन्होंने कहा, “क्या देशभक्ति किसी विचारधारा से जुड़ी हो सकती है. हम सार्वजनिक जीवन को किस ओर लेकर गए हैं. हमारी न मानें या न सुनें.. लेकिन इंदिरा गांधी के वाक्य को सुनें. उन्होंने साल 1966 में सावरकर जी के निधन पर कहा था कि वो महान व्यक्ति थे, उनका साहस देशभक्ति का पर्याय है.”

    शनिवार को लोकसभा में संविधान पर हुई बहस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सावरकर का ज़िक्र किया था.

    उन्होंने कहा था, "मैंने ये सवाल इंदिरा गांधी जी से पूछा था. इंदिरा गांधी जी ने बोला, सावरकर जी ने अंग्रेज़ों के साथ समझौता कर लिया था. अंग्रेज़ों को पत्र लिखकर माफ़ी मांगी थी. इंदिरा गांधी जी ने बोला, गांधी जी जेल गए, नेहरू जी जेल गए और सावरकर जी ने माफ़ी मांगी थी."

  6. राज्यसभा में चर्चा के दौरान संविधान में बदलाव को लेकर क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह

    गृह मंत्री अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 368 में संशोधन का प्रावधान है

    राज्यसभा में जारी संविधान पर चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान में बदलाव पर अपनी बात रखी है.

    उन्होंने कहा, "हमारे संविधान को कभी भी अपरिवर्तनशील नहीं माना गया. समय के साथ साथ देश भी बदलना चाहिए, समय के साथ साथ क़ानून भी बदलने चाहिए और समय के साथ साथ समाज भी बदलना चाहिए."

    "परिवर्तन इस जीवन का मंत्र है, सत्य है. इसको हमारे संविधान सभा ने स्वीकार किया था. इसलिए अनुच्छेद 368 में संविधान संशोधन के लिए प्रोविज़न किया गया था."

    उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी पर तंज़ कसा.

    उन्होंने कहा, "अभी कुछ राजनेता आए हैं और 54 साल की आयु में अपने आप को युवा कहते हैं और घूमते रहते हैं कि संविधान बदल देंगे, संविधान बदल देंगे."

    "मैं उनको कहना चाहता हूं कि संविधान के प्रावधानों को बदलने का प्रोविज़न अनुच्छेद 368 के अंदर संविधान में ही है."

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, राज्यसभा में संविधान पर बहस, अमित शाह ने कांग्रेस और नेहरू का किया ज़िक्र

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, अमित शाह ने कहा कि 'पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी है तो संविधान में भारतीयता नहीं दिखाई देगी'

    राज्यसभा में जारी संविधान पर चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह ने भाग लिया है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी से लेकर मोदी सरकार पर अपनी बात रखी है.

    अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए संविधान की मूल प्रति का ज़िक्र किया.

    उन्होंने बताया कि इस प्रति में भगवान राम से लेकर बुद्ध और महावीर की तस्वीरें थीं.

    उन्होंने कहा, “पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी है तो संविधान में भारतीयता नहीं दिखाई देगी. जिनमें चित्रों को निकाल दिया है वो अधूरा संविधान है.”

    “आज जब 75 साल के बाद, संविधान को स्वीकार करके हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो मैं सरदार पटेल का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उनके अथक परिश्रम के कारण आज एक होकर देश मज़बूती के साथ दुनिया के सामने खड़ा है.”

    “जो लोग कहते थे कि हम आर्थिक रूप से मज़बूत नहीं हो पाएंगे, उनको भी हमारी जनता ने, हमारे संविधान ने ख़ूबसूरती से जवाब दिया है. आज हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर सम्मान के साथ खड़े हैं.”

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार संविधान में संशोधन करके जीएसटी लाई जिससे काफ़ी लोगों का भला हुआ

    गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकाल में किए गए संविधान संशोधनों का ज़िक्र किया.

    उन्होंने इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का ज़िक्र किया. साथ ही उस दौरान हुए संविधान संशोधनों का ज़िक्र किया.

    अमित शाह ने कहा, “हमारी सरकार ने सबसे पहला संशोधन किया जो 101वां संशोधन था. इसमें हम जीएसटी लेकर आए और कई क़ानूनों को ख़त्म कर दिया जो कि लोगों की भलाई के लिए था.”

    “दूसरा संशोधन 102वां संशोधन था जो बैकवर्ड क्लास को संवैधानिक तौर पर मान्यता देने का काम था. कुछ लोगों का पेट दुख रहा है कि ये नरेंद्र मोदी जी ने क्यों किया. मोदी जी ने इसलिए किया क्योंकि आप नहीं कर पाए. पिछड़ी जातियों का कल्याण कांग्रेस पार्टी का मक़सद नहीं रहा.”

    उन्होंने कहा, “तीसरा संशोधन 12 जनवरी 2019 को लेकर आए. जिनको आरक्षण का फ़ायदा नहीं मिलता है उन ग़रीब घरों के बच्चों के लिए 10 फ़ीसदी आरक्षण का संशोधन लेकर आए. मोदी जी को इसका विचार आया.”

    “105वां संशोधन करके पिछड़ी जातियों के निर्णय का अधिकार राज्य सरकारों को दिया गया. पांचवां और सबसे अंतिम संशोधन 106वां था. 28 सितंबर 2023 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए जो महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण देने का प्रावधान था.”

  8. ग़ज़ा में सीज़फ़ायर की बातचीत अंतिम चरण में, बीबीसी को क्या पता चला

    ग़ज़ा

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    इमेज कैप्शन, तीन चरण की इस योजना में शुरुआती 45 दिनों में ग़ज़ा में बंधक बनाए गए आम लोगों और महिला सैनिकों को छोड़ा जाएगा

    महीनों के गतिरोध के बाद अब ऐसे नए संकेत मिले हैं कि इसराइल और हमास ग़ज़ा में संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई की सहमति के नज़दीक हैं.

    एक अप्रत्यक्ष बातचीत में शामिल वरिष्ठ फ़लस्तीनी अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि बातचीत ‘अंतिम और निर्णायक चरण में है.’

    इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा है कि समझौता पहले की तुलना में बेहद नज़दीक है.

    हालिया बीत सप्ताहों में अमेरिका, क़तर और मिस्र ने मध्यस्थता की कोशिशें वापस शुरू की थीं.

    एक इसराइली प्रतिनिधिमंडल क़तर की राजधानी दोहा में मौजूद है.

    फ़लस्तीनी अधिकारी ने बताया है कि तीन चरण की इस योजना में शुरुआती 45 दिनों में ग़ज़ा में बंधक बनाए गए आम लोगों और महिला सैनिकों को छोड़ा जाएगा. साथ ही शहर के केंद्रों, तटीय सड़कों और मिस्र की सीमा से लगीं रणनीतिक जगहों से इसराइली सुरक्षाबल बाहर निकलेंगे.

    अधिकारी ने बताया कि साथ ही एक तंत्र होगा जिसके तहत ग़ज़ा के विस्थापित लोग वापस उत्तर में लौट सकेंगे.

    दूसरे चरण में बाक़ी बचे बंधकों की रिहाई होगी और सैनिकों को हटाया जाएगा. अंत में तीसरे चरण में युद्ध रोका जाएगा.

  9. यूपी में कल कांग्रेस क्यों करने जा रही है सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

    कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय

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    इमेज कैप्शन, यूपी के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि सरकार महंगाई और बेरोज़गारी की बात करने की बजाय हिंदू और मुसलमान पर बात करती है

    उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन का एलान किया है.

    उन्होंने कहा, "सरकार अत्याचार और अन्याय लगातार करती आ रही है. इन्होंने पूरे तरीक़े से किसानों को प्रताड़ित किया. किसानों को उनकी फ़सलों के लिए उचित मूल्य नहीं मिल रहा है."

    "खाद्य सामानों की कालाबाज़ारी हो रही है. पूरी क़ानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. झांसी में 10 नवजात बच्चे जलकर मर गए. उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है."

    "महंगाई और बेरोज़गारी पर सरकार बात नहीं करती है. प्रयागराज का सारा काम गुजरात के बड़े-बड़े ठेकेदारों को देते जा रहे हैं. इस सब चीज़ों को लेकर कल हम सड़क पर उतरेंगे. कल सरकार को घुटने के बल बैठाएंगे."

    उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी जारी है. मंगलवार को विधानसभा के सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम लिए बिना सोमवार को संसद में उनके फ़लस्तीन लिखा बैग ले जाने पर चुटकी ली.

    उत्तर प्रदेश विधानसभा में योगी ने कहा, "कल कांग्रेस की एक नेत्री संसद में फ़लस्तीन का बैग लेकर घूम रही थी और हम यूपी के नौजवानों को इसराइल भेज रहे हैं. यूपी के अब तक 5600 जवान निर्माण कार्य करने के लिए इसराइल गए हैं."

    उन्होंने कहा, "इन नौजवानों को रहना और खाना फ्री है और उनको डेढ़ लाख रुपये सैलरी भी मिल रही है और पूरी सुरक्षा की गारंटी भी है."

    योगी ने कहा, "अभी इसराइल के राजदूत आए थे. उन्होंने कहा कि हम यूपी के और भी नौजवान ले जाना चाहते हैं."

  10. अमेरिका का दावा- रूस की ओर से युद्ध में लड़ते हुए मारे गए उत्तर कोरिया के सैनिक

    उत्तर कोरियाई सैनिक (सांकेतिक तस्वीर)

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    इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि "उत्तर कोरियाई लोगों के पास इस युद्ध में मरने का एक भी कारण नहीं था."

    अमेरिका का कहना है कि रूस के कुर्स्क सीमा के इलाके़ में यूक्रेन की सेना से लड़ते हुए उत्तरी कोरिया के सैनिकों की मौत हुई है.

    अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के प्रवक्ता पैट राइडर ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा है, "अमेरिका का मानना है कि उत्तरी कोरिया के सैनिक कुर्स्क में रूसी फ़ौज के साथ मिलकर युद्ध लड़ रहे हैं. इसमें उनके सैनिक घायल भी हुए हैं और मारे भी गए हैं."

    उत्तर कोरिया ने अक्तूबर महीने में रूस के कुर्स्क सीमा क्षेत्र के इलाक़ों पर कब्ज़ा करने वाले यूक्रेनी सेना के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए अपने सैनिकों को भेजा था.

    उत्तर कोरिया ने अपने दस हज़ार सैनिकों को रूस भेजा है और ये रूस में उसके सैनिकों की मौत की पहली रिपोर्ट होगी.

    यूक्रेन की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी 'जीयूआर' का दावा है कि पिछले हफ्ते के दौरान उत्तर कोरिया के कम से कम 30 सैनिक मारे गए हैं या घायल हुए हैं.

    हालांकि बीबीसी स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं करता है.

    उत्तर कोरिया के जो सैनिक लड़ाई के लिए रूस गए हैं, उन्हें किसी युद्ध में शामिल होने का अनुभव नहीं है. माना जाता है कि रूस पहुंचने के बाद शुरू में इन्हें ट्रेनिंग दी गई और फिर इन्हें सपोर्ट स्टाफ़ के काम में लगाया गया था.

  11. एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने पार्टी प्रमुख अजित पवार पर साधा निशाना

    एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल

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    इमेज कैप्शन, एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते थे

    एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने मंगलवार को पार्टी प्रमुख अजित पवार पर निशाना साधा है.

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "मैं आपके हाथों का खिलौना नहीं हूं जो आंख मूंदकर सब कुछ मान लूंगा. छगन भुजबल ऐसा आदमी नहीं है. मुख्यमंत्री (देवेंद्र फडणवीस) चाहते थे कि मैं मंत्रिमंडल में रहूं."

    "मैंने इसे वेरिफाई भी किया है और मुझे पता चला कि वो (देवेंद्र फडणवीस) मुझे मंत्रिमंडल में शामिल करने पर अड़े हुए थे. लेकिन मुझे हटा दिया गया. अब मुझे ये पता लगाना होगा कि किसने मेरे मंत्रिमंडल में शामिल होने पर मना किया है."

    छगन भुजबल महाराष्ट्र सरकार में मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज़ हैं.

    भुजबल ने पार्टी प्रमुख अजित पवार का नाम लिए बिना कहा, "एक बात साफ़ है कि हर पार्टी में उसका प्रमुख ही इस बारे में फ़ैसला लेता है. जैसे बीजेपी के बारे में देवेंद्र फडणवीस फ़ैसला लेते हैं और एकनाथ शिंदे शिवसेना में निर्णय लेते हैं. अजित पवार हमारे ग्रुप के बारे में फ़ैसला लेते हैं."

    मंगलवार को ये पूछे जाने पर कि भविष्य में उनका क़दम क्या होगा, भुजबल ने किशोर कुमार के गाने की लाइनें गुनगुनाईं, "देखते हैं... जहाँ नहीं चैना, वहाँ नहीं रहना."

  12. यूक्रेन ने रूस के लेफ्टिनेंट जनरल आइगोर किरिलोव की मौत पर किया बड़ा दावा

    रूस की सेना के प्रमुख अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल आइगोर किरिलोव

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    इमेज कैप्शन, ब्रिटेन ने अक्टूबर के महीने में लेफ्टिनेंट जनरल आइगोर किरिलोव पर यूक्रेन के ख़िलाफ़ जंग में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की अनदेखी को लेकर पाबंदी लगाई दी थी.

    यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने ही मॉस्को में एक विस्फोट के ज़रिये रूस की सेना के प्रमुख अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल आइगोर किरिलोव की हत्या की है.

    कीएव की स्वतंत्र न्यूज़ एजेंसी आरबीसी ने अज्ञात सूत्र के हवाले से कहा है कि यूक्रेन की सुरक्षा सेवा एसबीयू ने जनरल किरिलोव को मारा है.

    उधर, रूस ने लेफ्टिनेंट जनरल किरिलोव के मारे जाने की घटना को 'आतंकवादी कार्रवाई' बताया है.

    रूस की प्रवक्ता स्वेतलाना पेत्रेंको ने कहा, "ये आतंकवादी घटना है, हत्या है और हथियारों की अवैध तस्करी है."

    मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्को में एक विस्फोट हुआ था.

    जिसमें रूस की सेना के प्रमुख अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल आइगोर किरिलोव की मौत हो गई थी.

    ये घटना उस वक्त हुई जब स्कूटर में छिपाकर रखी गई डिवाइस में विस्फोट हो गया था.

  13. प्रियंका गांधी के 'फ़लस्तीन बैग' पर क्या बोले सीएम योगी आदित्यनाथ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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    इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि यूपी के जवान की स्किल को पूरी दुनिया मान रही है

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम लिए बिना सोमवार को संसद में उनके फ़लस्तीन लिखा बैग ले जाने पर चुटकी ली है.

    उत्तर प्रदेश विधानसभा में योगी ने कहा, "कल कांग्रेस की एक नेत्री संसद में फ़लस्तीन का बैग लेकर घूम रही थी और हम यूपी के नौजवानों को इसराइल भेज रहे हैं. यूपी के अब तक 5600 जवान निर्माण कार्य करने के लिए इसराइल गए हैं."

    उन्होंने कहा, "इन नौजवानों को रहना और खाना फ्री है और उनको डेढ़ लाख रुपये सैलरी भी मिल रही है और पूरी सुरक्षा की गारंटी भी है."

    योगी ने कहा, "अभी इसराइल के राजदूत आए थे. उन्होंने कहा कि हम यूपी के और भी नौजवान ले जाना चाहते हैं."

    प्रियंका गांधी सोमवार को 'फ़लस्तीन' लिखा हैंडबैग लेकर संसद पहुँची थीं. इस पर काफ़ी सियासी बयानबाज़ी भी हुई थी.

    बीजेपी ने इस बैग को लेकर प्रियंका गांधी पर निशाना साधा था और उन पर 'मुस्लिम तुष्टिकरण' की राजनीति का आरोप लगाया था.

  14. लोकसभा में 'वन नेशन-वन इलेक्शन' विधेयक पेश करने के समर्थन में पड़े 269 वोट

    कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल

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    इमेज कैप्शन, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, संविधान में अनुच्छेद 360 (ए) विधायिका को संशोधन पेश करने का अधिकार देता है

    लोकसभा में 'वन नेशन-वन इलेक्शन' विधेयक पेश करने के समर्थन में 269 वोट पड़े हैं. इसके विपक्ष में 198 वोट डाले गए.

    मंगलवार को लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर से पेश किया गया था. लेकिन इसके बाद विपक्षी दलों ने इसे पेश करने को लेकर भारी ऐतराज़ जताया.

    लोकसभा अध्यक्ष ने बिल पेश करने को लेकर मत विभाजन कराने का निर्णय लिया. इसके बाद हुई वोटिंग में पक्ष में 269 वोट और विरोध में 198 वोट पड़े.

    कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में विधेयक पर विपक्ष की आलोचना पर भी बात की.

    उन्होंने कहा, "विपक्ष ने आलोचना करते हुए कहा कि ये (विधेयक) अनुच्छेद 360 (ए) का उल्लंघन करता है. जबकि ये अनुच्छेद संसद को विधानसभा या राज्य विधानसभा चुनावों में संशोधन करने का अधिकार देता है."

    कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने इस विधेयक को गैर- संवैधानिक बताया है.

    उन्होंने कहा, "ये विधेयक गैर- संवैधानिक हैं. ये हमारे राष्ट्र के संघवाद के ख़िलाफ़ है. हम इस विधेयक के ख़िलाफ़ हैं."

    वहीं, डीएमके पार्टी की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने भी इन विधेयक को गैर- संवैधानिक और इसे भारत के संघवाद और लोगों की इच्छा के विरुद्ध बताया है.

  15. नमस्कार!

    दोपहर के ढ़ाई बज रहे हैं और अब से बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत आप तक लाइव पेज के ज़रिए बड़ी ख़बरें पहुंचाएंगी.

    फ़िलहाल के लिए बीबीसी हिंदी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें, जिन्हें आपको पढ़ना चाहिए.

    - सरकार ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' या 'एक देश, एक चुनाव' से जुड़ा विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया है. पढ़िए क्या है एक साथ चुनाव करवाने वाले विधेयक की कहानी.

    - पश्चिम बंगाल की राजनीति में ख़ूनी संघर्ष का इतिहास बहुत पुराना है और अब भी जारी है. राजनीतिक पार्टियाँ अपने विरोधियों को डराने के लिए देसी बमों का इस्तेमाल करती रही हैं, लेकिन इसकी बड़ी क़ीमत वहाँ के बच्चे चुका रहे हैं. पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - मध्य-पूर्व में ईरान और तुर्की अब तक अज़रबैजान में ही आमने-सामने थे लेकिन अब सीरिया में बशर अल-असद के जाने के बाद दोनों देश टकरा सकते हैं. क्या तुर्की इस इलाक़े में मज़बूत ताक़त बनकर उभरा है?

  16. 'हश-मनी' केस में अदालत ने नहीं मानी ट्रंप की दलील, जानिए क्या कहा

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभालने वाले हैं

    न्यूयॉर्क की एक अदालत ने फ़ैसला दिया है कि डोनाल्ड ट्रंप को 'हश मनी' केस में दोषी क़रार दिया जाना सही है.

    नव निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के पक्ष से यह दलील दी गई थी कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से मिली लैंडमार्क इम्युनिटी (छूट) के बाद यह मामला ख़ारिज हो जाना चाहिए.

    इसी साल जुलाई के महीने में अमेरिका की सबसे बड़ी अदालत ने कहा था कि राष्ट्रपति के तौर पर लिए गए फ़ैसलों के लिए ट्रंप को आपराधिक सज़ा से छूट है.

    ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने साल 2016 में एक स्कैंडल से बचने के लिए एडल्ट फिल्म स्टार को चुप रहने के बदले में गुप्त रूप से भुगतान किया था.

    सोमवार को कोर्ट ने कहा है कि यह मामला ट्रंप के राष्ट्रपति के तौर पर लिए गए आधिकारिक फ़ैसलों के अधीन नहीं आता है.

    अगर यह ऐतिहासिक फ़ैसला लागू रहता है तो राष्ट्रपति भवन में रहते हुए ऐसी सज़ा पाने वाले ट्रंप पहले अमेरिकी राष्ट्रपति होंगे.

    डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में जीत हासिल की है वो आने वाले 20 जनवरी को दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यभार संभालेंगे.

  17. ब्रिसबेन टेस्ट: ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारत ने फॉलोऑन बचाया

    आकाश दीप और जसप्रीत बुमराह

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    इमेज कैप्शन, शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ों की नाकामी के बाद भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ फॉलोऑन बचा लिया

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन में चल रहे तीसरे टेस्ट मैच में भारत ने फॉलोऑन बचा लिया है.

    ऑस्ट्रेलिया के 445 रनों के जवाब में भारतीय टीम ने पहली पारी में 9 विकेट के नुक़सान पर 252 रन बना लिए हैं.

    चौथे दिन के खेल की समाप्ति पर आकाशदीप 27 रन और जसप्रीत बुमराह 10 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं.

    रवींद्र जडेजा ने सबसे अधिक 77 रनों की पारी खेली.

    कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर विफल रहे. रोहित ने 10 ही रन बनाए थे कि पैट कमिंस की गेंद पर विकेट के पीछे एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट हुए.

    क्या होता है फॉलोऑन

    रविंद्र जडेजा
    इमेज कैप्शन, रविंद्र जडेजा ने भारत के लिए शानदार बैटिंग की है

    फॉलोऑन क्रिकेट में एक ऑप्‍शनल नियम है. यह उन्हीं मैचों में लागू होता है जिनमें दोनों टीमें 2-2 बार बैटिंग करती हैं.

    यानी कम से कम तीन पारियां पूरी होने तक कोई भी टीम मैच नहीं जीत सकती. फॉलोऑन देने के लिए, पहले बल्‍लेबाज़ी करने वाली टीम के पास कम से कम 200 रनों की बढ़त होनी चाहिए.

    यानी पहली पारी में अगर कोई टीम अपने विरोधी टीम से कम से कम 200 रनों से पीछे रहे जाए, तभी यह नियम लागू होता है.

    यह निर्णय पहले बैटिंग करने वाली टीम का कप्तान लेता है. अगर टीम मजबूत स्थिति में है तो कप्तान फॉलोऑन का विकल्प चुनते हैं.

    फॉलोऑन खेलने वाली टीम को फिर से बल्लेबाज़ी करनी होती है. अगर पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया है तो फ़ॉलोऑन खेलने वाली टीम पर पारी की हार का ख़तरा रहता है.

  18. 'वन नेशन, वन इलेक्शन' विधेयक पर अमित शाह ने क्या बताया

    अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, अमित शाह ने बताया है कि पीएम मोदी ने ख़ुद इस विधेयक को जेपीसी के पास भेजने की इच्छा जताई थी

    'वन नेशन वन इलेक्शन' बिल पर गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बयान दिया है.

    लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा, "जब यह संविधान संशोधन विधेयक कैबिनेट के पास चर्चा में आया था तभी प्रधानमंत्री जी ने ख़ुद मंशा व्यक्त की थी कि इसको जेपीसी को देना चाहिए. इसपर सभी स्तर पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए."

    अमित शाह ने आगे कहा, " इसलिए मुझे लगता है कि इसमें सदन का ज़्यादा समय जाया किए बगैर अगर मंत्री जी कहते हैं कि वो इसे जेपीसी को सौंपने को तैयार हैं, तो जेपीसी में सारी चर्चा होगी और जेपीसी की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट इसे पारित करेगी तब भी फिर से इस पर सारी चर्चा होगी."

    अमित शाह के बाद इस विधेयक पर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि नियम 74 के तहत वो इस विधेयक के लिए जेपीसी के गठन का प्रस्ताव करेंगे.

  19. लोकसभा में पेश हुआ 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से जुड़ा विधेयक

    अर्जुन राम मेघवाल

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    इमेज कैप्शन, अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक 'देश एक चुनाव' विधेयक पेश किया है

    कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में 'वन नेशन वन इलेक्शन' से जुड़ा विधेयक पेश कर दिया है.

    देश में लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने इस बिल को मंज़ूरी दी थी.

    कांग्रेस पार्टी पहले ही कह चुकी है कि वो इस विधेयक का विरोध करेगी.

    कांग्रेस पार्टी इस विधेयक को असंवैधानिक बता रही है. पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा है, "कांग्रेस पार्टी 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लोकतंत्र के बुनियादी स्वरूप के ख़िलाफ़ मानती है."

  20. 'वन नेशन, वन इलेक्शन' विधेयक पर कांग्रेस ने लिया ये फ़ैसला, अखिलेश क्या बोले?

    जयराम रमेश और राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी वन नेशन वन इलेक्शन से जुड़े विधेयक के विरोध में है. (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' विधेयक को वापस लेने की मांग की है. विपक्ष ने इस विधेयक को संविधान पर हमला बताया है.

    सांसद जयराम रमेश ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी 'वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक' को पूरी तरह ख़ारिज करती है.

    जयराम रमेश ने कहा, "हम इस विधेयक को सदन में रखे जाने का विरोध करेंगे और इसे जेपीसी को भेजने की मांग करेंगे. हम इस विधेयक को असंवैधानिक मानते हैं."

    जयराम रमेश का कहना है कि कांग्रेस पार्टी 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लोकतंत्र और जवाबदेही के बुनियादी स्वरूप के ख़िलाफ़ मानती है.

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ये संविधान को खत्म करने का एक और षडयंत्र है.

    अखिलेश ने एक्स पर पोस्ट किया, "‘एक देश-एक चुनाव’ का फ़ैसला सच्चे लोकतंत्र के लिए घातक साबित होगा. ये देश के संघीय ढांचे पर भी एक बड़ी चोट करेगा. इससे क्षेत्रीय मुद्दों का महत्व ख़त्म हो जाएगा और जनता उन बड़े दिखावटी मुद्दों के मायाजाल मे फंसकर रह जाएगी, जिन तक उनकी पहुँच ही नहीं है."