अगर दूसरे देशों के पास परमाणु हथियार हैं, तो ईरान के पास क्यों नहीं हो सकते?

दुनिया में कुछ मुट्ठी भर देशों के पास परमाणु हथियार हैं. इसमें ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया शामिल है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुरभि गुप्ता और आनंद मणि त्रिपाठी

  1. इसराइल-ईरान संघर्ष में फंसे अपने नागरिकों के लिए दुनिया भर के देश क्या क़दम उठा रहे हैं

    इसराइल-ईरान संघर्ष

    इमेज स्रोत, Reuters

    इसराइल और ईरान के बीच लगभग एक हफ़्ते से जारी संघर्ष बढ़ता जा रहा है. इस बीच कई देश इन दोनों देशों में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान चला रहे हैं.

    ऑस्ट्रेलिया

    ऑस्ट्रेलिया ईरान से लगभग 1500 और इसराइल से क़रीब 1200 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को बाहर निकाल रहा है.

    कुछ ऑस्ट्रेलियाई नागरिक संघर्ष शुरू होते ही इसराइल से निकल गए थे, जबकि अन्य लोगों को सुरक्षित लाने के प्रयास जारी हैं.

    चीन

    चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन ने अब तक ईरान से 1600 से अधिक और इसराइल से अपने सैकड़ों नागरिकों को निकाला है.

    चीन ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अज़रबैजान, तुर्कमेनिस्तान, तुर्की, आर्मीनिया या इराक़ के रास्ते बाहर निकलें.

    भारत

    ईरान से 110 भारतीय छात्र गुरुवार को भारत वापस लौटे हैं.

    सरकार ने कहा है कि इसराइल में मौजूद जो भारतीय नागरिक वापस लौटना चाहते हैं, उनको बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है. इसराइल में फ़िलहाल लगभग 30 हज़ार भारतीय मौजूद हैं.

    जापान

    जापान ने ईरान और इसराइल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए दो सैन्य विमान जीबूती भेजे हैं.

    इसराइल में लगभग 1000 और ईरान में क़रीब 280 जापानी नागरिक मौजूद हैं.

    पाकिस्तान

    इसराइल-ईरान संघर्ष के बीच अब तक लगभग तीन हज़ार पाकिस्तानी नागरिक ईरान छोड़ चुके हैं.

  2. शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष जाना फिर टला, एक्सियम- 4 मिशन को लेकर अब नासा ने क्या जानकारी दी

    एक्सियम मिशन 4

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    इमेज कैप्शन, इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजा जाना है

    एक्सियम-4 मिशन के लॉन्च को लेकर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपडेट दिया है. एजेंसी ने कहा है कि ये मिशन 22 जून को लॉन्च नहीं किया जाएगा.

    इससे पहले कई बार स्थगित हो चुके इस मिशन के लॉन्च की संभावित तारीख़ 22 जून बताई गई थी.

    अब जानकारी दी गई है कि नासा, एक्सियम स्पेस और स्पेसएक्स इस मिशन की लॉन्चिंग को लेकर संभावित तारीख़ की समीक्षा कर रहे हैं.

    नासा ने 22 जून को होने वाले लॉन्च को टालने का फ़ैसला लिया है और आने वाले दिनों में नई तारीख़ तय की जाएगी.

    एक्सियम- 4 मिशन एक कमर्शियल मिशन है, जिसे 'एक्सियम स्पेस' नाम की अमेरिकी कंपनी, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और एलन मस्क की कंपनी 'स्पेसएक्स' साथ मिलकर ऑपरेट कर रही हैं.

    इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अमेरिका के फ्लोरिडा में मौजूद नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजा जाना है.

    इन चार अंतरिक्ष यात्रियों में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं.

    अमेरिका, भारत, हंगरी और पोलैंड के यात्रियों को अंतरिक्ष ले जाने वाला यह मिशन कई बार टल चुका है.

    शुरुआत में यह 29 मई के लिए निर्धारित किया गया था. इसे पहले 8 जून तक के लिए टाला गया. फिर 9 जून और 10 जून तक के लिए स्थगित किया गया, बाद में 11, 12 और 19 जून तक के लिए इसे टाला गया.

    फिर इसकी लॉन्चिंग की संभावित तारीख़ 22 जून बताई गई. अब नासा ने कहा है कि इस मिशन की लॉन्चिंग के लिए आने वाले दिनों में नई तारीख़ तय की जाएगी.

  3. ऑस्ट्रेलिया ने तेहरान स्थित दूतावास में कामकाज बंद किया, बताई ये वजह

    ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग

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    इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग (फ़ाइल फ़ोटो)

    ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि ईरान में 'बिगड़ते सुरक्षा हालात' के चलते वह तेहरान स्थित अपने दूतावास का कामकाज फ़िलहाल रोक रहा है.

    ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, "मौजूदा हालात में हमारी कांसुलर सेवाएं देने की क्षमता बेहद सीमित है. हवाई क्षेत्र अब भी बंद है."

    ऑस्ट्रेलिया ने अपने सभी अधिकारियों और उनके परिवार को ईरान छोड़ने का निर्देश दिया है.

    पेनी वोंग ने कहा कि कांसुलर स्टाफ को ईरान के पड़ोसी देश अज़रबैजान में तैनात किया जा रहा है.

    विदेश मंत्री ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के राजदूत फ़िलहाल तेहरान में ही रहेंगे.

    ईरान में मौजूद कम से कम 1,500 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों और उनके परिवारों ने वहां से निकलने के लिए मदद मांगी है.

  4. इसराइल-ईरान संघर्ष पर ट्रंप क्या सोच रहे हैं, व्हाइट हाउस ने बताया

    व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट

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    इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट

    व्हाइट हाउस के मुताबिक़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो हफ्ते में ये फ़ैसला करेंगे कि इसराइल-ईरान संघर्ष में अमेरिका सीधे तौर पर शामिल होगा या नहीं.

    व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि इस मामले में 'बातचीत की पर्याप्त संभावना' है.

    कैरोलीन लेविट ने पत्रकारों से कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप का सीधा संदेश है: 'इस बात को ध्यान में रखते हुए कि निकट भविष्य में ईरान के साथ वार्ता की एक महत्वपूर्ण संभावना है- चाहे वह हो या न हो- मैं अगले दो हफ्तों के अंदर यह फ़ैसला करूंगा कि अमेरिका को सीधे तौर पर ईरान के ख़िलाफ़ जाना है या नहीं'."

    बीबीसी के चीफ नॉर्थ अमेरिका संवाददाता गैरी ओ'डोनोह्यू लिखते हैं कि इस बयान ने कूटनीति की एक संभावना को जन्म दिया है.

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