यूरोप के सामने 'चरमपंथ का बड़ा ख़तरा'

इमेज स्रोत, none
यूरोप की पुलिस फ़ोर्स के मुखिया का कहना है कि यूरोप इस वक़्त चरमपंथ के सबसे बड़े ख़तरे की चपेट में है.
बीबीसी के साथ बातचीत में यूरोपोल के प्रमुख रॉब वेनराइट ने कहा कि यह चिंता की बात है और जल्द ही इसके लिए ज़रूरी क़दम उठाने होंगे.
उन्होंने कहा कि चरमपंथ की ये चुनौती सीरिया में चल रहे युद्ध की वजह से पैदा हुई है.
अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि इराक़ और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के क़रीब 31 हज़ार लड़ाके लड़ रहे हैं.
'नाकामी ज़िम्मेदार'
इनके अलावा एक अनुमान के मुताबिक़ सीरिया में इस वक़्त क़रीब 12 हज़ार विदेशी लड़ाके मौजूद हैं. इनमें से तक़रीबन तीन हज़ार पश्चिमी देशों से हैं.

इमेज स्रोत, AFP
यूरोपोल के चीफ़ ने कहा कि पुलिस को इस बात की चिंता है कि सीरिया के बेहद विस्फोटक हालात के चलते हज़ारों नौजवान इनसे प्रभावित हो रहे हैं.
उनका कहना है कि इसका एक कारण सोशल मीडिया और इंटरनेट है जिसका दुरुपयोग रोकना होगा. उनके मुताबिक इन माध्यमों का इस्तेमाल जिहादी संगठनों ने नौजवानों की भर्ती और उन्हें अपनी तरफ़ खींचने के लिए कर रहे हैं.
विशेषज्ञ कहते हैं कि पश्चिमी देशों में नौजवान मुसलमानों को लेकर सरकार की कथित नाकामी ने उन्हें सीरिया और इराक़ में चल रहे संघर्ष की तरफ़ मोड़ने में अहम भूमिका निभाई है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>
































