लापता विमान: आख़िरी उम्मीद भी धुंधली पड़ी

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ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह पर लापता मलेशियाई विमान से मिले अंतिम सिग्नल को रिकॉर्ड किया गया था उस जगह पर तलाश कर रहे रोबोट को कुछ नहीं मिला है.
अधिकारियों के अनुसार ब्लूफीन-21 रोबोट ने इस इलाके में खोज पूरी कर ली है और उसे लापता विमान का कोई सुराग नहीं मिला है.
आगे के प्रयासों में खोज में मिले अब तक के सभी आंकड़ों की समीक्षा, समुद्र तल का सर्वेक्षण और नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर ध्यान लगाया जाएगा.
मलेशियाई एयरलाइंस की उड़ान संख्या एमएच 370 आठ मार्च को कुआलालंपुर से बीजिंग जाते वक़्त लापता हो गई थी.
अधिकारी उपग्रह से मिले आंकड़ों के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि विमान ने अपनी अंतिम यात्रा हिंद महासागर में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर के उत्तर-पश्चिम में ख़त्म की थी.
विमान का कुछ पता नहीं चला और इसके ग़ायब होने के कारणों की भी जानकारी नहीं है.
<link type="page"><caption> क्या अनसुलझी रह जाएगी लापता विमान की गुत्थी?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/04/140402_malaysia_plane_mystery_sr.shtml" platform="highweb"/></link>
खोज

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खोजी दल को चार बार पिंगर लोकेटर की मदद से ध्वनि संकेत मिले थे. अधिकारियों का मानना था कि ये ध्वनि संकेत विमान के 'ब्लैक बॉक्स' के हैं.
तलाश में जुटी एजेंसियों के संयुक्त समन्वय केंद्र (ज्वाइंट एजेंसी कोऑर्डिनेशन सेंटर या जेएसीसी) का कहना है कि पिंगर लोकेटर की मदद से ब्लूफ़ीन 21 रोबोट ने समुद्र तल का 850 वर्ग किलोमीटर इलाका ढूंढा.
जेएसीसी ने कहा, "कल के अभियान से मिले आंकड़ों का विश्लेषण कर लिया गया है. नतीजतन, जेएसीसी ये कह सकता है कि विमान के मलबे के कोई संकेत नहीं मिले."
ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री वॉरेन ट्रस ने कहा कि तलाश "समय पर उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ जानकारी" पर आधारित थी.
अपने विश्लेषण के आधार पर उन्होंने ये माना लिया है कि पनडुब्बी को अपने खोज़ अभियान में लापता विमान से जुडे किसी भी प्रकार का कोई मलबा नहीं मिला.
खोए मलेशियाई विमान को ढूंढ रही टीम को फिर मिले सिग्नल
ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया जब अमरीका की नौसेना के समुद्री इंजीनियरिंग विभाग के उप निदेशक माइकल डीन ने सीएनएन से ये आशंका ज़ाहिर की कि शायद ध्वनि संकेत किसी अन्य उपकरण के होंगे.
ध्वनि संकेत

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माइकल डीन ने कहा, "इस समय हम यही मानते हैं कि पिंगर लोकेटर को मिले संकेत किसी समुद्री पोत के हो सकते हैं या पिंगर लोकेटर के ही हों."
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ अक्सर ये डर बना रहता है कि पानी के संपर्क में आते ही या उपकरण के आसपास पानी आने से, उपकरण से कुछ आवाज़ें निकलने लगती हैं.
हालांकि अमरीकी नौसेना के एक प्रवक्ता ने माइकल डीन के बयानों को "अपरिपक्व और अव्यवहारिक" बताया.
जेएसीसी ने कहा है कि विशेषज्ञों का एक दल उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर लापता विमान की खोज के क्षेत्रों का गहन अध्ययन करेगा.
एक चीनी पोत समुद्र के तल के एक हिस्से सर्वेक्षण का काम पहले ही पूरा कर चुका है, इसमें तीन महीने तक का समय लग सकता है.
इस बीच अगस्त महीने में ऑस्ट्रेलियाई यातायात सुरक्षा ब्यूरो समुद्र तल के अंदर खोज में उपयोगी उपकरणों को नीलामी द्वारा इकट्टा करने की कोशिश करने की सोच रही है.
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