रोमा लड़की फ्रांस वापस आ सकती है: ओलांद

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने कहा है कि जिस रोमा लड़की को बस से उतारकर वापस उसके देश भेज दिया गया था, वो वापस आकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकती है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा है कि लड़की के परिवार वालों को इसकी इजाज़त नहीं है.
लियोनार्डा डिबरानी नाम की इस पंद्रह वर्षीया लड़की के माता-पिता फ्रांस में शरण लेने आए थे लेकिन इसमें नाकाम होने पर उन्हें जबरन वापस कर दिया गया.
इस मामले की देश भर के छात्र समूहों ने निंदा की और विरोध में प्रदर्शन किए.
वहीं एक सरकारी जांचकर्ता ने उनके निष्कासन को कानूनी तौर पर वैध ठहराया है.
लेकिन शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूली लड़की के खिलाफ इस तरह की कोई कार्रवाई स्कूल के समय के बाद करनी चाहिए थी.
डिबरानी का परिवार लेवियर में रह रहा था, जो कि फ्रांस के पूर्वी हिस्से में है. शरण की मांग के कारण कोसोवो में उनके साथ भेदभाव किया गया था.
जब वे लोग शरण लेने संबंधी मुकदमा हार गए, उसके बाद उनके निष्कासन का आदेश जारी हुआ. दो बार के स्थगन के बाद ये तय हुआ कि अक्टूबर में इन्हें बाहर कर दिया जाएगा.
स्कूल में बेइज़्ज़ती
लियोनार्डा के पिता को आठ अक्टूबर को बाहर कर दिया गया जबकि वो खुद सारी रात अपने एक दोस्त के यहां पड़ी रही.
अगले दिन लियोनार्डा को सभी विद्यार्थियों के सामने पुलिस उठा ले गई और उसी दिन उसके पूरे परिवार को कोसोवो भेज दिया गया.
ओलांद ने फ्रेंच टीवी को बताया, "परिस्थितियों को देखते हुए यदि वो कोई आवेदन देती है और चूंकि वो फ्रांस में ही रहकर पढ़ाई करना चाहती है, इसलिए उसके यहां रहने का स्वागत किया जाएगा."
लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये पेशकश सिर्फ लियोनार्डा के लिए है, उसके माता-पिता के लिए नहीं.
वहीं लियोनार्डा का कहना है कि वो अपने परिवार के बिना नहीं लौटेगी, "मैं अपने परिवार को नहीं छोड़ सकती. ऐसा नहीं है कि सिर्फ मुझे ही स्कूल जाना है, बल्कि मेरे भाई-बहनों को भी स्कूल जाना है."
इस बीच, लियोनार्डा के पिता रिसत डिबरानी ने पत्रकारों से कहा कि वे कोसोवो में नहीं रहना चाहते.
रिसत डिबरानी ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बच्चों के पैदाइश स्थल के बारे में झूठ बोला था. उनका कहना था कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उन्हें आसानी से शरण मिल जाए.
उनका कहना था कि सिर्फ उन्हीं की पैदाइश कोसोवो की है, बाकी उनकी पत्नी और छह बच्चे इटली में जन्मे हैं.
































