अमरीकी राष्ट्रपति चुनावः भारत, चीन और रूस की हवा सबसे ख़राब - डोनाल्ड ट्रंप

इमेज स्रोत, Justin Sullivan, Chip Somodevilla/Getty Images

पढ़ने का समय: 6 मिनट

मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन के बीच राष्ट्रपति चुनाव से पहले (भारतीय समयानुसार) शुक्रवार की सुबह दूसरी और आख़िरी बहस हुई.

नैशविल में हो रही इस बहस की शुरुआत कोरोना वायरस के बाद की स्थिति को लेकर शुरू हुई. जो बाइडन ने कहा कि महामारी के कारण पैदा हुई स्थिति संभालने में ट्रंप प्रशासन नाकाम रहा है.

अमरीका में अब तक कोरोना वायरस से 2,22,000 लोगों की मौत हो चुकी है और 8.4 मिलियन से अधिक लोग अब भी इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. बीते महीने दोनों के बीच हुई बहस के बाद से 16 हज़ार अमरीकी लोगों को कोरोना वायरस से मौत हुई है.

इमेज स्रोत, Getty Images

कोरोना वायरस को लेकर बहस

इस महामारी से आगे कैसे मुक़ाबला करेंगे इस सवाल पर ट्रंप ने कहा, "देश में कोरोना वायरस के मामलों के उछाल आना अब ख़त्म हो गया है. बाकी जगहों पर भी यह जल्द ही चला जाएगा. कुछ ही हफ़्तों में इसकी वैक्सीन भी हमारे पास होगी. हमारी सेना इसे लोगों तक पहुंचाएगी."

ट्रंप ने इस पर ज़ोर डाला कि यह महामारी वैश्विक समस्या है. उन्होंने कहा, "मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं... मुझे यह हुआ था और मैं इस बीमारी से ठीक भी हो गया. कोविड-19 ख़त्म हो रहा है."

उन्होंने कहा, "मैं कहता हूं कि हमें इसके साथ जीना होगा, हमारे पास कोई विकल्प नहीं है. हम जो बाइडन की तरह खुद को बेसमेंट में बंद नहीं कर सकते (बाइडन हंसते हैं). वे खुद को बंद करने की क्षमता रखते हैं. मैं नहीं कर सकता, जाहिर है जो बाइडन ने किसी जगह से बहुत से पैसे बनाए हैं. उनके पास ये पैसे हैं बेसमेंट में जीने के लिए. लेकिन लोग ऐसा नहीं कर सकते. कोरोना वायरस से 99.9 फ़ीसदी युवा ठीक हुए हैं. 99 फ़ीसदी लोग ठीक हो जाते हैं. हमें इससे उबरना होगा और हम पूरे देश को बंद नहीं रख सकते. अगर हम ऐसा करेंगे तो यह राष्ट्रहित में ठीक नहीं होगा."

इस पर बाइडन बोले, "ट्रंप कहते हैं कि हमें इसके साथ जीना सीखना होगा. लेकिन लोग तो मरना सीख रहे हैं. आप लोग अपने घरों में सुबह रसोई की मेज पर एक कुर्सी खाली रखेंगे. जो आदमी या उसकी पत्नी आज बिस्तर पर सोने जा रहे हैं, आदतन एक दूसरे को छुने की कोशिश करेंगे. फिर उन्हें अहसास होगा कि उनका साथी तो गुजर चुका है. इसके साथ ही रहना सीखें? अरे... (19 साल की उम्र में भी) लोग इसके साथ मर रहे हैं. यह ख़तरनाक है और आप कहते हैं कि मैं कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता."

बाइडन ने कहा, "इस साल के अंत तक अमरीका में दो लाख और मौतें होने का अनुमान है. अगर हम यह मास्क पहनते रहेंगे, हम क़रीब एक लाख लोगों की ज़िंदगी बचा लेंगे. लेकिन हमारे राष्ट्रपति के पास इसके लिए कोई व्यापक योजना नहीं है."

डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन ने कहा, "यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हर किसी को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि टेस्टिंग तेज़ी से हो. स्कूल और बिज़नेस खोलने के लिए एक राष्ट्रीय नीति तय की जाए."

कोरोना महामारी पर अमरीकी सरकार के रवैय्ये के बारे में बाइडेन ने कहा कि इस मामले में दुनिया की एक बेहतरीन मेडिकल जर्नल ने हाल में राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया को दुखद बताया है.

इमेज कैप्शन, ट्रंप और बाइडन के बीच बहस के दौरान मेलानिया ट्रंप भी मौजूद थीं

क्या चीन को चुकाएगा कोरोना वायरस की क़ीमत?

बाइडन से पूछा गया कि चीन में कोरोना वायरस का पहला मामला आने के लिए वो उसे किस तरह सज़ा देंगे.

बाइडन ने कोरोना वायरस की जगह व्यापार और फाइनैंस की बात की और कहा, "मैं चीन के साथ अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार चलूंगा."

ट्रंप ने इस सवाल के जवाब में कहा, "सबसे पहले ये बता दूं कि चीन को इसका भुगतान करना पड़ रहा है. वो हमारे किसानों के लाखों डॉलर से खिलवाड़ कर रहे हैं."

बीच में ही बाइडन ने कहा, "टैक्स देने वालों की पैसे से." और कहा कि फंड अमरीका से आ रहा है चीन से नहीं.

ट्रंप ने कहा चीन ये आयात होने वाले इस्पात पर लगाए गए टैरिफ़ ने अमरीकी इस्पात इंडस्ट्री को बचाया है. बाइडन ने ट्रंप के इस बयान को 'बकवास' बताया.

इमेज स्रोत, Reuters

अफ़ग़ानिस्तान पर ट्रंप और बाइडन की राय अलग

बाइडन ने उत्तर कोरिया, चीन और रूस के नेताओं को "ठग" कहा और ट्रंप पर आरोप लगाया कि वो उन्हें "गले लगाते हैं."

बाइडन ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप के रिश्ते असमान्य रूप से घनिष्ट रहे हैं और कई लोगों के लिए यह परेशानी का सबब रहा है.

बहस के दौरान दोनों नेताओं से विदेशी ज़मीन पर संघर्ष में अमरीका की भूमिका पर भी सवाल किया गया.

एक तरफ ट्रंप की पहुंच न्यूक्लियर बटन तक है लेकिन अपने कार्यकाल में वो किसी न्यूक्लियर वॉर की तरफ नहीं बढ़े हैं और राष्ट्रपति के रूप में वो अपेक्षाकृत रूप से संयमित रहे हैं. ऐसे में अधिकतर लोगों का मानना है, वे नहीं चाहते कि अमरीकी किसी विदेशी संघर्ष में शामिल हो.

वहीं इसके विपरीत बाइडन का मानना है कि अमरीकी सेना की अफ़ग़ानिस्तान में अहम भूमिका होनी चाहिए और अगर वो राष्ट्रपति बने तो संभावना है कि ट्रंप की तुलना में वो लंबे समय तक वहां अमरीकी सेना को रखें.

"रूस नहीं चाहता कि मैं चुनाव जीतूं"

इस दौरान ईरान और रूस के पास अमरीकी वोटर्स की जानकारी को लेकर भी सवाल पूछे गए.

बाइडन ने कहा, "अगर मैं राष्ट्रपति बना चुनाव में दखलअंदाजी की साजिश करने वाले बाहरी ताक़तों को सबक सिखाया जाएगा. मुझे पता है कि रूस, ईरान और चीन दखल देने की कोशिश कर रहे हैं. रूस नहीं चाहता कि मैं चुनाव जीतूं. मैंने आज तक कभी किसी विदेशी कंपनी से पैसे नहीं लिए. ट्रंप ने टैक्स की चोरी की है. उनका बैंक अकाउंट चीन में है."

ट्रंप ने कहा, "रूस के लेकर जितना सख्त मैं रहा हूं उतना शायद ही कोई अन्य राष्ट्रपति रहे हों."

बात डोनाल्ड ट्रंप के केवल 750 डॉलर टैक्स देने को लेकर भी हुई. इस पर ट्रंप ने कहा, "मैंने लाखों डॉलर एडवांस टैक्स में दिए हैं लेकिन लोग केवल 750 डॉलर टैक्स देने के बातें करते हैं."

"भारत, चीन, रूस रिकॉर्ड ख़राब कर रहे"

इस आखिरी बहस में ट्रंप ने भारत का भी नाम लिया. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में भारत, रूस और चीन का रिकॉर्ड ख़राब रहा है.

ट्रंप ने कहा, "हमने कई नियम बनाए हैं. साफ़ हवा की बात मैं बाइडन से कहीं अधिक जानता हूं. अमरीका में कार्बन उत्सर्जन सबसे कम है. भारत, चीन और रूस को देखिए, उन्होंने हवा ज़्यादा ख़राब की है. वो इसकी लड़ाई में रिकॉर्ड ख़राब कर रहे हैं."

बाइडन ने कहा, "क्लाइमेट चेंज बड़ा मुद्दा है लेकिन ट्रम्प इसे मजाक में लेते हैं जबकि यह पूरी मानवता के लिए ख़तरा है. हमने इस पर योजना तैयार की है. इसके जरिए जॉब्स भी दिए जाएंगे. हम ऑयल एनर्जी की जगह अक्षय ऊर्जा पर फ़ोकस करना चाहते हैं."

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन के बीच हुई आखिरी बहस का संचालन एनबीसी न्यूज़ की पत्रकार क्रिस्टीन वेल्कर ने किया

हेल्थकेयर पर क्या बोले दोनों उम्मीदवार?

बाइडन ने कहा, "ट्रंप ने ओबामाकेयर हेल्थ बिल को आगे लागू करने से इनकार किया है लेकिन वे यह भी नहीं बता रहे कि इसकी जगह क्या लेकर आएंगे. उनके पास कोई प्लान नहीं है. हम इस पर अगले 10 सालों में 70 अरब डॉलर खर्च करेंगे."

ट्रंप ने कहा, "मैंने ओबामाकेयर लागू करने से कभी मना नहीं किया लेकिन मेरा वादा है कि हम इससे बेहतर बिल लेकर आएंगे जिसका प्रीमियम ओबामाकेयर से कम होगा. साथ ही दवाइयां भी सस्ती होंगी. अभी इतना ही बता सकते हैं, इससे ज़्यादा जानकारी नहीं दे सकता हूं."

डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन के बीच हुई आखिरी बहस का संचालन एनबीसी न्यूज़ की पत्रकार क्रिस्टीन वेल्कर ने किया. उनके बेहतरीन संचालन को लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं. जिसमें लोग उन्हें इस बहस का वास्तविक विजेता बता रहे हैं.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)