समंदर पर दुनिया के सबसे लंबे पुल का नज़ारा

तस्वीरों में देखिए 55 किलोमीटर लंबे पुल की झलकियां.

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इमेज कैप्शन, हांगकांग-झुहाई एंड मकाउ पुल को हांगकांग, झुहाई और मकाउ की सरकारों ने मिलकर बनाया है.

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इमेज कैप्शन, यह नदी और समुद्र, कहीं पर भी बना दुनिया का छठा सबसे लंबा पुल है.

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इमेज कैप्शन, इस पुल में डुअल थ्री लेन है जो समुद्र के ऊपर 22.9 किलोमीटर है जबकि 6.7 किलोमीटर समुद्र के नीचे सुरंगनुमा शक्ल में है. इसकी गहराई 44 मीटर तक है.

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इमेज कैप्शन, पुल का बाक़ी हिस्सा ज़मीन पर बना है. सुरंग के दोनों तरफ़ दो कृत्रिम द्वीप हैं. ये दोनों 10 लाख वर्ग फ़ुट से ज़्यादा के इलाक़े में बने हैं.

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इमेज कैप्शन, पुल को इस तरह से बनाया गया है कि यह भूकंप के झटके और शक्तिशाली तूफान झेल सकता है.

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इमेज कैप्शन, इस पुल में 4 लाख टन स्टील लगा है, जो रिक्टर पैमाने पर 8 की तीव्रता वाले भूकंप को भी आसानी से झेल सकता है.

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इमेज कैप्शन, हांगकांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से झुहाई तक जाने में चार घंटे का वक़्त लगता है, जो अब घटकर 45 मिनट रह जाएगा.

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इमेज कैप्शन, क्वाई चुंग कंटेनर पोर्ट (हांगकांग) और झुहाई के बीच आने-जाने में लगने वाला समय साढ़े तीन घंटे से कम होकर सवा घंटे रह जाएगा.

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इमेज कैप्शन, हालांकि इस पुल की आलोचना करने वाले भी कम नहीं हैं. आलोचकों का कहना है कि इस पुल के ज़रिए चीन हांगकांग और मकाउ पर अपने नियंत्रण का राजनीतिक संदेश देना चाहता है.

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इमेज कैप्शन, हांगकांग और मकाउ दोनों अतीत में यूरोपीय ताक़तों की कॉलोनी रहे हैं और 1990 के दशक में इनका नियंत्रण चीन को मिला है.

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इमेज कैप्शन, ये दोनों 'वन कंट्री, टू सिस्टम' के सिद्धांत पर चलते हैं, जो उन्हें 50 साल के लिए चीन से स्वतंत्र अपना सरकारी तंत्र चलाने की इजाज़त देता है.

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इमेज कैप्शन, ये ब्रिज तीनों शहरों के बीच की दूरी महज़ एक घंटे पर ले आएगा और इससे आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा.

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इमेज कैप्शन, इस परियोजना का विचार साल 2003 में आया था और दिसंबर 2009 में इसका निर्माण शुरू हुआ था. इस पर कुल 120 अरब युआन या 17.3 अरब डॉलर का खर्च आया है.