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रविवार, 17 मई, 2009 को 13:47 GMT तक के समाचार
 
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कांग्रेस में नई सरकार के स्वरुप पर चर्चा
 
कांग्रेस
कांग्रेस को इन चुनावों में अप्रत्याशित रुप से सफलता मिली है

कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि नई सरकार में 'चौथे मोर्चे' को शामिल किया जाए या नहीं, इसका फ़ैसला उन दलों के साथ बैठक में तय होगा जो चुनाव में कांग्रेस के साथ थे.

सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "मंगलवार को पार्टी संसदीय दल की बैठक के बाद हम उन दलों के साथ बैठक करेंगे जो चुनाव में हमारे साथ थे. इसी में तय होगा कि नई सरकार में किसे शामिल किया जाए."

बार-बार ये पूछने पर कि क्या राष्ट्रीय जनता दल (राजद) या लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सरकार में शामिल होगी, उनका जवाब था, "हमने कह दिया कि हम चुनाव पूर्व गठबंधन में शामिल दलों के साथ बैठ कर ही ये तय करेंगे और प्री पोल एलायंस का क्या मतलब है, ये आप जानते हैं."

 मंगलवार को पार्टी संसदीय दल की बैठक के बाद हम उन दलों के साथ बैठक करेंगे जो चुनाव में हमारे साथ थे. इसी में तय होगा कि नई सरकार में किसे शामिल किया जाए
 
जनार्दन द्विवेदी

ग़ौरतलब है कि राजद, लोजपा और समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर सहमति नहीं होने के कारण चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं हो सका था. हालांकि चौथे मोर्चे के नाम से इन दलों के नेताओं ने बार-बार कहा कि वो चुनाव बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के साथ होंगे.

जनार्दन द्विवेदी ने बताया, "कार्य समिति की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वैश्विक मंदी और पड़ोस की मुश्किलों के बीच नई सरकार का गठन होगा लेकिन जिस तरह का जनादेश मिला है, उससे हमें उन चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी."

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पार्टी के घोषणापत्र को लागू करने करने की बात कही और सोनिया गांधी को पार्टी की जीत के लिए मुबारकबाद दी.

नतीजों पर चर्चा

जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि मंगलवार को संसदीय दल की बैठक में नए नेता का चयन का होगा.

उन्होंने कहा कि ये तकनीकी प्रक्रिया है लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ही होंगे.

बैठक में नई सरकार के स्वरुप और चुनावी नतीजों पर चर्चा हुई.

बैठक के तुरंत बाद पार्टी की ओर से कोई औपचारिक प्रेस कॉंफ़्रेंस नहीं हुई लेकिन वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कर्ण सिंह ने दस जनपथ के बाहर पत्रकारों से कहा कि इसमें चुनावों में पार्टी को मिली सफ़लता पर चर्चा हुई.

उन्होंने कहा, "चुनाव परिणाम के बाद देश भर से जुटे नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी की सफ़लता के लिए बधाई दी."

जब उनसे पूछा गया कि यूपीए के अलावा किस पार्टी को सरकार में शामिल किया जाएगा तो उनका कहना था, "इस पर कार्य समिति में विचार नहीं होता है. ये फ़ैसला ख़ुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे."

सोमवार को प्रधानमंत्री ने मौजूदा कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलाई है जिसमें लोकसभा भंग करने का फ़ैसला होगा और मनमोहन सिंह अपनी सरकार का इस्तीफ़ा राष्ट्रपति को सौंप देंगे.


जीतने वाले प्रमुख उम्मीदवार
सोनिया गांधी (कांग्रेस)- रायबरेली
मेनका गांधी (भाजपा)- आंवला
शत्रुघ्न सिन्हा (भाजपा)- पटना साहिब
कमलनाथ (कांग्रेस)- छिंदवाड़ा
फ़ारूख़ अब्दुल्लाह (एनसी)- श्रीनगर
प्रिया दत्त (कांग्रेस)- मुंबई नॉर्थ सेंट्रल
सचिन पायलट (कांग्रेस)- अजमेर
सुषमा स्वराज (भाजपा)- विदिशा
नवजोत सिंह सिद्धू (भाजपा)- अमृतसर
जयाप्रदा (सपा)- रामपुर
एचडी देवगौड़ा (जेडी एस)- हासन
मोहम्मद अज़हरुद्दीन (कांग्रेस)- मुरादाबाद
ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस)- कोलकाता दक्षिण
जसवंत सिंह (भाजपा)- दार्जीलिंग
वीरभद्र सिंह (कांग्रेस)- मंडी
शशि थरूर (कांग्रेस)- तिरुअनंतपुरम
अजित सिंह (राष्ट्रीय लोकदल)- बागपत
लालजी टंडन (भाजपा)- लखनऊ
राजनाथ सिंह (भाजपा)- ग़ाज़ियाबाद

उल्लेखनीय है कि 2004 में मनमोहन सिंह ने 22 मई को शपथ ली थी.

15वीं लोकसभा चुनावी मुक़ाबले में यूपीए ने मुख्य विरोधी राष्ट्रीय जनतांत्रिक संगठन (एनडीए) को सत्ता की दौड़ में उसे परास्त कर दिया.

साथ ही उसने वाममोर्चा और तीसरे मोर्चे को जनता ने पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया.

शनिवार को देर रात तक आए परिणामों के अनुसार कांग्रेस को अकेले 204 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस को 19, द्रमुक को 18 और एनसीपी को 9 सीटें मिली हैं.

इसके अलावा कुछ और छोटे सहयोगी दलों की सीटें मिलाकर कांग्रेस गठबंधन को कुल 260 सीटें मिली हैं.

इसका अर्थ यह हुआ कि कांग्रेस को बहुमत के लिए मात्र 12 सीटों की ज़रुरत है.

अगर इसमें राष्ट्रीय जनता दल की चार सीटें और समाजवादी पार्टी की 22 सीटें जोड़ दी जाए तो उसे आसानी से बहुमत मिल रहा है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि मनमोहन सिंह ही देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे.

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को 116 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल जनता दल यू को 20,शिवसेना को 11, शिरोमणि अकाली दल को चार, राष्ट्रीय लोकदल को चार और असम गणपरिषद को एक सीट मिली है.

भारतीय जनता पार्टी ने परिणामों के आने के बाद हार स्वीकार की है और कांग्रेस पार्टी को बधाई दी है.

भाजपा नेता
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पार्टी प्रवक्ता अरुण जेटली ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लालकृष्ण आडवाणी ने विपक्ष के नेता का पद छोड़ने की मंशा ज़ाहिर की है. लेकिन पार्टी ने इसे मंज़ूरी नहीं दी है.

तीसरे मोर्चे को सबसे अधिक नुक़सान हुआ है जहां वाम मोर्चे को मात्र 24 सीटों से संतोष करना पड़ा है. इसके अलावा अन्नाद्रमुक को 9, एमडीएमके को 1, तेलुगू देशम को छह, बीजू जनता दल को 14 और जनता दल एस को चार सीटों से संतोष करना पड़ा है.

यूपीए की सत्ता में वापसी पर बेहद प्रसन्न सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने इसे स्थिर और मजबूत सरकार के लिए जनादेश बताया.

'काम का इनाम'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यूपीए की जीत पर देश की जनता को धन्यवाद दिया है और कहा है कि ये सरकार के अच्छे काम का इनाम है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के लोगों ने बड़ी बुलंदी से अपनी बात कही है. सांप्रदायिक घृणा से मुक्त प्रशासन या सरकार के लिए उन्होंने मत दिया है."

मनमोहन सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को मंत्रिमंडल का सदस्य बनने के लिए कहेंगे.

दूसरी ओर सुल्तानपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका काम संगठन को मज़बूत बनाना है.

उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश देश का सबसे अगली पंक्ति का राज्य रहा है और इसे फिर से पहले स्थान पर लाना है. 20-21 सीटों की जीत राज्य में पार्टी के फिर से खड़े होने की शुरुआत भर है. यह सिलसिला अब और आगे बढ़ेगा."

राहुल ने कहा कि वे जीतें या हारें, इससे उन्हें फ़र्क नहीं पड़ता. उनका काम संगठन को मज़बूत करना है और वे इस काम को ऐसे ही करते रहेंगे.

 
 
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