ओंकारेश्वर बांधः विरोध में जल सत्याग्रह!

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मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर बांध की ऊंचाई 189 मीटर से 191 मीटर करने के विरोध में प्रभावित होने वाले क्षेत्र विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं.
प्रभावित क्षेत्र के घोघलगांव में कुछ लोग पिछले दस दिनों से जल सत्याग्रह कर रहे हैं.
नर्मदा बचाओ आंदोलन के बैनर तले हो रहे इस विरोध प्रदर्शन में प्रभावित क्षेत्र के तकरीबन 30 लोग पानी के अंदर खड़े हुए हैं.
इन लोगों की तबीयत अब बिगड़नी शुरू हो गई है. जल सत्याग्रह में भाग ले रहे लोग खाना तक पानी के अंदर ही खा रहे है.
पुनर्वास

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नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े आलोक अग्रवाल का कहना है, "प्रदेश सरकार इस पूरे आंदोलन को नौटंकी और देशद्रोह बता रही है. ये बताता है कि सरकार किस तरह से सत्ता के घमंड में डूबी हुई है."
नर्मदा बचाओ आंदोलन का दावा है कि बिना पुनर्वास के सवाल और प्रभावितों से मामला सुलझाए बगैर इस क्षेत्र को डुबाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है.
सरकार का दावा है कि बांध में पानी बढ़ने से किसानों को फायदा होगा और साथ ही ओंकारेश्वर हाइडल प्रोजेक्ट की क्षमता बढ़ेगी.
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