
केजरीवाल ने सत्ताधारी दल के साथ ही मुख्य विपक्ष दल भाजपा को भी निशाना बनाया है
जनलोकपाल के समर्थन में आंदोलन चलाने वाले अन्ना हज़ारे की सहयोगी किरण बेदी ने बीबीसी से बातचीत में उन अफवाहों का खंडन किया है कि वो भाजपा से औपचारिक तौर पर जुड़ सकती हैं.
उन्होंने एक बार फिर कहा कि वो गैर-राजनीतिक व्यक्ति हैं.
उन्होंने कहा, "जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, ये उनके अपने सपने हैं और आरोप हैं. इस बात में कोई हकीकत नहीं है. मैं राजनीति से परे हूँ. अगर मैं ऐसी होती तो दिल्ली की पुलिस आय़ुक्त बन गई होती."
उन्होंने आगे कहा, "जिन लोगों का राजनीतिक गॉडफादर होता है, वो ही पुलिस कमिश्नर बनता है."
किरण बेदी ने बातचीत में फिर स्पष्ट किया है कि वह अरविंद केजरीवाल से क्यों असहमत हैं.
गौरतलब है कि क्लिक करें भंग की जा चुकी टीम अन्ना के सदस्य रहे केजरीवाल ने कोयला आवंटन से जुड़ी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन गडकरी के क्लिक करें घर के घेराव का आह्वान किया था.
किरण बेदी ने इससे असहमति जताते हुए कहा था कि वह सत्ताधारी दल के नेताओं के घर के घेराव के पक्ष में हैं क्योंकि अभी विपक्ष इस बारे में कुछ भी करने की स्थिति में नहीं है.
किरण बेदी ने इसके बाद रविवार को हुए घेराव में शामिल भी नहीं हुईं. तभी से ऐसे सवाल उठने लगे थे कि क्या किरण बेदी भाजपा से किसी तौर पर जुड़ सकती हैं?
रविवार को बीबीसी से बातचीत में अरविंद केजरीवाल के एक नजदीकी सदस्य ने भी ऐसी आशंकाएँ जताई थीं.
लेकिन किरण बेदी ने कहा कि वो चाहती हैं कि "जो पार्टी अभी तक हमें लोकपाल नहीं दे पाई, हम उस पर से अपना फोकस नहीं खोएं."
अपने स्टैंड का कारण बताते हुए कहा, "अगर हम सभी लोगों को एक तरफ कर देंगे तो फिर कानून कैसे मिलेगा? अभी भी नहीं मिलेगा, अगली संसद में भी नहीं मिलेगा क्योंकि अगले चुनाव में भी हमें बहुमत नहीं मिलने वाला. जो भी हम पार्टी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उसे तो बहुमत नहीं मिलेगा. तो कानून तो हमें इन्हीं में से लेना है."
बेदी ने आगे कहा, "अगर विपक्ष के साथ हमारी बातचीत या समझौता रहे, तो हमें लोकपाल मिल सकता है. इसका मतलब ये नहीं है कि हम किसी के साथ जुड़ रहे हैं लेकिन हम उनकी निंदा करके अलग तो ना कर दें."
भाजपा पर भरोसा
"हाँ मैं विपक्षी पार्टियों के घेराव के विरुद्ध थी क्योंकि आपको उनके वोट की ज़रूरत है और वे लोग सरकार को घोटालों पर घेरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं"
किरण बेदी
किरण बेदी ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस की तरह उन्हें दुतकारा नहीं और राज्यसभा में भाजपा ने सीबीआई की स्वतंत्रता की बात की थी.
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि भाजपा कांग्रेस की लाइन पर चलेगी, क्योंकि ये उनके लिए अनुकूल नहीं होगा."
भाजपा पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर किरण बेदी ने कहा कि उनका ध्यान अभी केंद्र पर है.
क्लिक करें किरण बेदी ने ट्वीट के माध्यम से इस मामले पर सफाई दी है.
किरण बेदी से एक पाठक ने कहा कि कोयला घोटाले में तो सभी प्रमुख दल शामिल हैं और एक अन्य का कहना था कि केजरीवाल का आंदोलन भ्रष्टाचार के विरुद्ध है किसी दल के विरुद्ध नहीं तो बेदी ने लिखा, "इसमें कोई शक़ नहीं है. मगर जो लोग सत्ता में हैं पहले उन्हें पकड़ा जाना चाहिए. घोटालों के विरुद्ध आख़िरकार जो आवाज़ उठी है उसे कमज़ोर नहीं किया जाना चाहिए."
साथ ही बेदी ने विपक्षी पार्टियों को घेराव से अलग रखने की अपनी मंशा का स्पष्टीकरण देते हुए लिखा, "हाँ मैं विपक्षी पार्टियों के घेराव के विरुद्ध थी क्योंकि आपको उनके वोट की ज़रूरत है और वे लोग सरकार को घोटालों पर घेरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं."
इससे पहले रविवार को केजरीवाल के साथ ही मनीष सिसोदिया और अन्ना हज़ारे के कुछ अन्य सहयोगियों ने प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के घेर के घेराव की भी कोशिश की थी.
केजरीवाल का इस बारे में कहना था कि जनता को भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही हज़ारों करोड़ के घोटाले के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. केजरीवाल ने कहा, "वे लोग देश की इस दुर्दशा के लिए ज़िम्मेदार हैं. उन्होंने मिलजुलकर कोशिश की है कि संसद न चल सके."








