सिंघु बॉर्डर: किसान मोर्चा ने कहा- निहंग सिखों के समूह से हमारा कोई नाता नहीं

    • Author, दिलनवाज़ पाशा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 3 मिनट

सिंघु बॉर्डर पर गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या की ज़िम्मेदारी निहंग सिख सरबजीत सिंह ने ली है.

बीबीसी से बातचीत में सरबजीत सिंह ने कहा कि उन्हें इस घटना का अफसोस नहीं है. उन्होंने कहा कि ये हत्या सिर्फ़ उन्होंने की है.

किसान आंदोलन के नेताओं ने खुद को इससे अलग कर लिया है. किसान मोर्चा का कहना है कि "जिस निहंग समूह ने हत्या की ज़िम्मेदारी ली है उसका किसान मोर्चा से न तो कोई ताल्लुक था और न है."

किसान नेताओं का कहना है कि "किसी सूरत में किसी भी व्यक्ति को क़ानून हाथ में लेने का कोई हक नहीं है. किसान मोर्चा किसी भी तरह की हिंसा की आलोचना करता है."

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि सिंघु बॉर्डर पर जो कुछ शुक्रवार को हुआ उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए. किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने का कहना है, "इस व्यक्ति के बारे में भी जांच की जानी चाहिए कि ये व्यक्ति यहां क्यों आया, किसके साथ आया और कितने दिन से आया था, इसका पता किया जाना चाहिए."

वहीं निहंग सिख के जत्थेदारों का कहना है कि उन्हें सरबजीत सिंह पर गर्व है और वो उनके लिए क़ानूनी पैरवी करेंगे.

इससे पहले हरियाणा पुलिस के एक दल ने शुक्रवार को निहंग सिखों के एक कैंप से उन्हें हिरासत में ले लिया.

शुक्रवार को क्या हुआ था

दिल्ली और हरियाणा की सिंघु सीमा पर पुलिस बैरिकेडिंग से एक व्यक्ति का लटका हुआ शव बरामद हुआ था.

सोनीपत के डीएसपी हंसराज ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "शुक्रवार की सुबह क़रीब पाँच बजे एक लटका हुआ शव बरामद हुआ. पैर कटे हुए थे. यह शव किसानों के प्रदर्शन स्थल सोनीपत के कुंडली में मिला है. इसके लिए ज़िम्मेदार कौन, इस बारे कुछ भी पता नहीं चल पाया है. अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है. वायरल वीडियो जाँच का विषय है. अफ़वाहों पर ध्यान ना दें."

घटनास्थल हरियाणा के सोनीपत के कुंडली थानाक्षेत्र में पड़ता है.

इस घटना के संबंध में कुंडली थाने में आईपीसी की धारा 302 के तहत मुक़दमा भी दर्ज कर लिया गया है. मारे गए व्यक्ति की पहचान लखबीर सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के तरनतारन ज़िले के रहने वाले थे.

स्थानीय पत्रकार दिलबाग़ दानिश के मुताबिक़ मृतक लखवीर सिंह अपनी बहन के साथ रहते थे.

वे सिंघु बॉर्डर पर क्या कर रहे थे, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.

संयुक्त किसान मोर्चा ने की घटना की निंदा

इस घटना की संयुक्त किसान मोर्चा ने निंदा की है. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, "संयुक्त किसान मोर्चा इस नृशंस हत्या की निंदा करते हुए यह स्पष्ट कर देना चाहता है कि इस घटना के दोनों पक्षों से संयुक्त किसान मोर्चा का कोई संबंध नहीं है. हम किसी भी धार्मिक ग्रंथ या प्रतीक की बेअदबी के ख़िलाफ़ हैं."

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, "लेकिन इस आधार पर किसी भी व्यक्ति या समूह को क़ानून अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं है. हम यह मांग करते हैं कि इस हत्या और बेअदबी के षड्यंत्र के आरोप की जांच कर दोषियों को क़ानून के मुताबिक सज़ा दी जाए."

"संयुक्त किसान मोर्चा किसी भी क़ानून सम्मत कार्रवाई में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेगा. लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चला यह आंदोलन किसी भी हिंसा का विरोध करता है."

लखबीर सिंह के फूफा बलकार सिंह ने बीबीसी के सहयोगी पत्रकार रविंद्र सिंह रॉबिन को बताया कि उनका छोटा सा परिवार है और छोटे-छोटे बच्चे हैं.

उन्होंने कहा, "अब घटना यहाँ पर तो हुई नहीं है. घटना बहुत दूर हुई है. हम आपको क्या बताएँ कि क्या हुआ होगा. मैं तो समझता हूँ कि वो वहाँ पहुँच ही नहीं सकता. ज़रूर किसी ने उसको नशा दिया होगा, वहाँ लोग लेकर गए होंगे और बरगलाया होगा. वो ये काम नहीं कर सकता. दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए और परिवार का ध्यान रखा जाना चाहिए."

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