जल संकट से हाहाकार मचे चेन्नई में वाटर ट्रेन से पहुंचा पानी

नीति आयोग के मुताबिक़ चेन्नई भारत के उन 21 शहरों में से एक है जहां 2021 तक पानी ख़त्म हो जाएगा.

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इमेज कैप्शन, महानगर चेन्नई के लोगों ने पहली बार यह नज़ारा देखा कि शहर में एक ट्रेन पानी लेकर पहुंची.

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इमेज कैप्शन, पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे चेन्नई को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने वेल्लोर ज़िले के जोलारपेट्टई से पानी लाने का निर्णय लिया है.

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इमेज कैप्शन, यह ट्रेन इसी की शुरुआत है. ट्रेन 12 जुलाई की दोपहर 11.35 बजे चेन्नई के विल्लिवाक्कम पहुंची.

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इमेज कैप्शन, इस पानी को पहले साफ़ किया जायेगा फिर लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

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इमेज कैप्शन, इस परियोजना पर बीते महीने की 21 तारीख़ को काम शुरू हुआ. पहले टेस्ट रन के दौरान, पाइप टूट गये थे. फिर इसमें सुधार कर यह परीक्षण दोबारा चला.

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इमेज कैप्शन, दरअसल, भारत के छठे सबसे बड़े शहर चेन्नई को पानी की आपूर्ति यहां के चार जलाशयों से होती है, जो सूखने की कगार पर हैं.
इमेज कैप्शन, इनमें जल की मात्रा इतनी कम हो चुकी है कि यह बता पाना मुश्किल है ये आख़िर कब तक चलेगा. और इस साल मानसून आने में देरी के चलते शहर में पानी की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है.

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इमेज कैप्शन, अब राज्य सरकार ने हर दिन 10 मिलियन लीटर पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए 66 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं.

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इमेज कैप्शन, पानी लेकर जो पहली ट्रेन शुक्रवार को पहुंची उसमें कुल 50 वैगन लगे हुए थे और इनमें से प्रत्येक में 50 हज़ार लीटर पानी भरा था. यानी पहली ट्रेन से चेन्नई को 25 लाख लीटर पानी पहुंचाया गया.

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इमेज कैप्शन, ट्रेन के पानी पहुंचाने की इस परियोजना से भी चेन्नई की प्यास नहीं बुझेगी क्योंकि यहां रोज़ाना 830 मिलियन लीटर की ज़रूरत है जबकि ट्रेन से पानी की आपूर्ति के बावजूद यहां के लोगों को 525 मिलियन लीटर पानी मिल सकेगा.

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इमेज कैप्शन, नीति आयोग के मुताबिक चेन्नई भारत के उन 21 शहरों में से एक है जहां 2021 तक पानी ख़त्म हो जाएगा.