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नरेंद्र मोदी का भाषण : ‘डर का माहौल पैदा करके अल्पसंख्यकों को इस्तेमाल किया गया’
लोकसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के बाद शनिवार को संसद के सेंट्रल हॉल में एनडीए की बैठक हुई जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुन लिया गया.
एनडीए के संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया.
राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाक़ात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शपथ ग्रहण की जानकारी को जल्द ही राष्ट्रपति कोविंद के साथ साझा किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि स्वाभाविक है कि एक प्रचंड जनादेश उन्हें मिला है और इससे बहुत सी अपेक्षाएं हैं.
वहीं, एनडीए संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर आकर सबसे पहले संविधान के आगे नतमस्तक हुए और इसके बाद एनडीए के सभी दलों का धन्यवाद किया.
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता के विवेक को किसी पैमाने से मापा नहीं जा सकता और वह आज परिवपक्व हो गया है और सत्ता का रुतबा उसे प्रभावित नहीं कर सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एनडीए के सभी सदस्यों को कंधे से कंधा मिलाकर चलना है और किसी मुश्किल को झेलने के लिए एक सिर चाहिए होता है जिसके लिए आपने मुझे चुना है ताकि बाकी सभी कंधे सलामत रहें.
आचार्य विनोबा भावे के कथन को दोहराते हुए मोदी ने कहा कि विनोबा भावे कहते थे कि चुनाव बांट देता है लेकिन इस चुनाव ने सारी दूरियों और दीवारों को तोड़ दिया है.
ग़रीबों-अल्पसंख्यकों के साथ छल किया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब तक सरकारें आती थीं चली जाती थीं लेकिन एनडीए ने 2014 से 2019 तक सरकार चलाई क्योंकि इस बार देश भागीदार बना और यह प्रो-इनकंबेंसी वेव की वजह से हुआ जो विश्वास की डोर से बंधा हुआ है.
मोदी ने कहा, "जनप्रतिनिधि के लिए कोई सीमारेखा नहीं होती जिन्होंने आज हम पर विश्वास रखा है हम उनके लिए भी हैं और जिनका हमें विश्वास जीतना है हम उनके लिए भी हैं. जनप्रतिनिधि होने के नाते हमारा कोई पराया नहीं हो सकता है."
उन्होंने कहा, "जनता जनार्दन ईश्वर का रूप होता है और मैंने अनुभव किया है कि इस बार का मेरा भारत भ्रमण और चुनाव अभियान एक तीर्थयात्रा थी."
महिला सांसदों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में लगता था कि काफ़ी महिला सांसदें आई हैं लेकिन इस बार यह रिकॉर्ड टूट गया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने ग़रीबों के साथ किए जा रहे छल में छेद किया. जिस तरह से ग़रीबों के साथ छल किया गया है उसी तरह से अल्पसंख्यकों की तरह छल किया गया है. वोट बैंक की राजनीति में एक छलावा और डर का माहौल पैदा करके सिर्फ़ अल्पसंख्यकों को इस्तेमाल किया गया."
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ किए गए छल में भी छेद करना है, हमें विश्वास को जीतना है, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में सभी ने भाग लिया था, किसी के साथ कोई विभेद नहीं करना है सबको साथ लेकर चलना है.
उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास के साथ अब सबका विश्वास' नारा है.
बीजेपी और एनडीए ने चुना अपना नेता
इस बैठक में एनडीए के सभी नए सदस्यों समेत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी को मुख्य मंच पर जगह दी गई थी.
वंदे मातरम के बाद सभी सदस्यों ने मेज़ थपथपाकर 'मोदी-मोदी' का नारा लगाया. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी संसदीय दल के नेता के रूप में नरेंद्र मोदी का प्रस्ताव दिया जिसका सभी सदस्यों ने मेज़ थपथपाकर स्वागत किया.
इसके बाद अनुमोदन के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी सामने आए और उन्होंने इसको लेकर समर्थन मांगा. जिसके बाद बीजेपी के सभी नए सदस्यों ने हाथ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया.
इस समर्थन के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंच पर आकर सबका धन्यवाद किया.
एनडीए संसदीय दल के नेता भी मोदी
बीजेपी संसदीय दल के बाद एनडीए संसदीय दल के नेता का चुनाव हुआ जिसका प्रस्ताव शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल लेकर आए. उन्होंने एनडीए संसदीय दल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम रखा.
एनडीए दल के नेता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीसामी, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ़्यू रियू, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने किया.
इसके बाद सभी सदस्यों ने सेंट्रल हॉल में खड़े होकर और तालियां बजाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुनने पर मुहर लगाई.
अमित शाह ने कहा, परिवारवाद की राजनीति ख़त्म हुई
अमित शाह ने इसके बाद भाषण देते हुए कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी को यहीं नेता चुना गया था जिसके बाद उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे को सार्थक करते हुए देश के लोगों के लिए काम किया और आज फिर उन्हें नेता चुना गया.
उन्होंने कहा कि एनडीए के 353 सांसदों का चुनकर आना ऐतिहासिक है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कई राज्यों में 50 फ़ीसदी वोट प्राप्त हुए हैं जो देश की जनता का आशीर्वाद है.
गुजरात के विकास को प्रयोग बताते हुए अमित शाह ने कहा कि वह इसे 'नरेंद्र मोदी प्रयोग' कहते हैं जिस पर जनता ने मुहर लगाई है. उन्होंने कहा कि देश का ऐसा शख़्स फिर प्रधानमंत्री बनने जा रहा है जिसकी पीढ़ियां राजनीति में नहीं रही हैं.
सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद लोगों को पता चला कि भारत कहीं घुसकर भी जवाब दे सकता है, इसके बाद पुलवामा में हुए हमले के बाद बदला लिया गया इसके बाद सुरक्षा रणनीतिकारों को कहना पड़ा कि यह देश की सुरक्षा नीति है.
अमित शाह ने कहा कि 1990 के बाद देश की सुरक्षा नीति को हलके में लिया जाता था, परिवारवाद, जातिवाद, तुष्टिकरण राजनीति पर हावी था लेकिन जनता ने बता दिया कि जो काम करेगा जनता उसके साथ होगी.
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