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राहुल गांधी ने कहा नोटबंदी पीएम की ग़लती नहीं एक बड़ा स्कैम है
नोटबंदी और रफ़ायल डील के मुद्दे पर गुरुवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच काफ़ी तल्ख़ बयानबाज़ी हुई.
इसकी शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रेसवार्ता से हुई जिसका बाद में बीजेपी ने जवाब दिया.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि नोटबंदी एक बहुत बड़ा स्कैम है जो ग़लती से नहीं बल्कि जानबूझकर हुआ है.
दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय में राहुल गांधी ने कहा, "देश के कुछ सबसे बड़े उद्योगपतियो ने बैंक का लोन लिया था जो एनपीए में बदल गया था. नरेंद्र मोदी जी ने देश की जनता का पैसा लेकर, आपकी जेब से पैसा निकालकर, सीधा हिंदुस्तान के सबसे बड़े पूंजीपतियों की जेब में डाला. ये नोटबंदी का लक्ष्य था."
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्णय ने देश की इकोनॉमी की धज्जियां उड़ा दीं. राहुल गांधी ने नोटबंदी को प्रधानमंत्री की ग़लती नहीं बल्कि एक बड़ा स्कैम करार दिया.
राहुल अगंभीर राजनीतिक खिलाड़ी: भाजपा
बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, "मैं इस प्रेसवार्ता के बाद कह सकता हूं कि राहुल गांधी एक बहुत ही अगंभीर राजनीतिक खिलाड़ी हैं. राहुल गांधी ने कहा कि लोगों से जेब से पैसा निकाल लिया गया. जेब काटना क्या होता है मैं साधारण तरीके से बताता हूं. ए से ज़ेड तक कांग्रेस पार्टी भ्रष्ट है."
बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 'सर्वाधिक नक्सलियों का समर्पण नोटबंदी के दौरान हुआ था और इसके बावजूद राहुल गांधी नोटबंदी को गलत बताते हैं.'
बीजेपी ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वो उनमें से एक भी उद्योगपति का नाम बता दे जो बीते चार सालों में अरबपति बना हो.
संबित पात्रा ने कहा, "कांग्रेस पार्टी और गाँधी परिवार के पुरखों ने पैसा लूट-लूट कर जो रखा था, जीप स्कैम से अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम तक ये सारे नोटबंदी के बाद पैसे कागज के टुकड़े बन गए."
रफ़ायल पर कांग्रेस का हमला
बुधवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर वित्त मंत्री को चुनौती दी थी कि वो रफ़ायल डील पर संयुक्त संसदीय समिति का गठन करें.
उन्होंने नाटकीय अंदाज़ में वित्त मंत्री अरुण जेटली को इसका जवाब देने के लिए 24 घंटों का वक्त दिया था. गुरुवार को एक और ट्वीट कर राहुल गांधी ने वित्त मंत्री को चुनौती याद दिलाई.
राहुल गांधी ने रफ़ायल डील पर अपना पुराना स्टैंड दोहराते हुए कहा कि ये भ्रष्टाचार का एक सीधा मामला है.
उन्होंने कहा, "अनिल अंबानी ने कभी जहाज़ नहीं बनाए. वो 45 हज़ार करोड़ रुपए कर्ज़ में हैं. अनिल अंबानी जी ने कंपनी कुछ ही दिन पहले खोली. दूसरी तरफ़ सरकारी कंपनी एचएएल है जो 70 साल से हवाई जहाज़ बना रही है. कोई कर्ज़ा नहीं है. उनके पास हज़ारों इंजीनियर हैं."
राहुल गांधी ने कहा कि जो हवाई जहाज़ 520 करोड़ का था उसे आपने 1600 करोड़ रुपये में क्यों ख़रीदा.
बीजेपी प्रवक्ता का कहना था कि राहुल गांधी के पास कहने को कुछ नया नहीं है और रफ़ाल पर बैठकर उनका करियर लॉन्च नहीं होगा.
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