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उमा भारती 'लाल बत्ती हटाने' को ग़लत मानती हैं
केंद्रीय मंत्री उमा भारती का कहना है कि मंत्रियों को वाहन पर लगाने के लिए लाल बत्ती न देना बिल्कुल ग़लत है.
उत्तर प्रदेश और पंजाब में मंत्रियों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने या फिर उन्हें लाल बत्ती दिए ही न जाने के आदेश पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में उमा भारती ने ऐसा कहा है.
जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे और दिक्कतें आएंगी, दुर्घटनाएं बढ़ेंगीं.
उन्होंने कहा कि अगर कोई मंत्री अपनी ड्यूटी पर जा रहा है तो लाल बत्ती भी दी जाए और ट्रैफ़िक भी रोका जाए, अगर कोई मंत्री किसी मीटिंग के लिए जा रहा है और बहुत ज़रूरी हो तो उड़ान को भी पांच सात मिनट के लिए रोका जा सकता है.
उमा भारती का तर्क था कि अगर एक मीटिंग में देरी हो गई तो कई फैसले लंबे समय के लिए लटक जाते हैं. और अगर कोई प्रोजेक्ट मंज़ूर नहीं हुआ तो करोड़ों रुपये का नुकसान होता है.
हालांकि उनका कहना था कि अगर कोई मंत्री किसी निजी काम से कहीं जा रहा है तो उसे न तो लाल बत्ती मिलनी चाहिए और न उसके लिए ट्रैफ़िक और न ही कोई उड़ान रोकी जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर मंत्री अपने कर्तव्य के निर्वहन के लिए जा रहे हैं तो उन्हें सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने राज्य में वीआईपी कल्चर ख़त्म करने के दावे के तहत ऐसा फ़ैसला लिया है.
बीते शनिवार को कैबिनेट की पहली बैठक में ही आधिकारिक वाहनों से लाल, पीली और नीली बत्ती हटाने का निर्णय लिया गया.
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