फागुन ने उदास ज़िंदगी में घोला खुशियों का रंग

होली के मौके पर हर ख़ासोआम रंगों में सराबोर है. वृंदावन की विधवाओं ने भी खेली होली.

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इमेज कैप्शन, पुरानी परंपरा को तोड़ कर वाराणसी और वृंदावन की विधवाओं ने हर साल की तरह इस बार भी होली खेली.

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इमेज कैप्शन, परिवार की उपेक्षा का शिकार रही इन महिलाओं ने होली खेली और फूलों का रंग उतर आया इनके जीवन में भी.

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इमेज कैप्शन, वृंदावन के 400 साल पुराने गोपीनाथ मंदिर में इन्होंने पूरे उत्साह से फूलों की अनोखी होली में हिस्सा लिया.

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इमेज कैप्शन, सफ़ेद साड़ियों में ये महिलाएं सुबह की ठंड की परवाह किए बग़ैर गोपीनाथ बाज़ार स्थित पुराने कृष्ण मंदिर पहुंचीं और खूब होली खेली.

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इमेज कैप्शन, ग़ैर सरकारी संगठन सुलभ इंटरनेशनल ने वाराणसी में भी होली का आयोजन किया

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इमेज कैप्शन, जीवन में छाई होली की खुशियां

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इमेज कैप्शन, रंग और गुलाल.....हरा और लाल रंग घुला जीवन में

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इमेज कैप्शन, बाबा विश्वनाथ के शहर में रंग और गुलाल की होली

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इमेज कैप्शन, 1,500 किलोग्राम गुलाल और गुलाब की 1,500 किलोग्राम पंखुड़ियों का इंतजाम किया गया.

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इमेज कैप्शन, फूलों और रंगों की होली में सराबोर महिलाएं

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इमेज कैप्शन, इन पर होली का रंग कुछ अलग ही चढ़ा है.

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इमेज कैप्शन, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में रंगों की होली

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इमेज कैप्शन, वृंदावन में रंगों की होली