You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
लखनऊ मुठभेड़ खत्म, एक संदिग्ध की मौत
लखनऊ में संदिग्ध चरमपंथी के छुपे होने की खुफिया सूचना के बाद शुरू हुई मुठभेड़ 11 घंटे के बाद बुधवार को सुबह तीन बजे तड़के ख़त्म हो गई. इस ऑपरेशन को एटीएस ने अंजाम दिया है. एटीएस के आईजी असीम अरुण ने इस मुठभेड़ में संदिग्ध के मारे जाने की पुष्टि की है.
असीम अरुण ने कहा, ''यह ऑपरेशन तीन बजे ख़त्म हो गया. जवाबी फायरिंग में सैफुला नाम का व्यक्ति मारा गया है. एटीएस ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. किसी भी सुरक्षाकर्मी को नुक़सान नहीं हुआ है. दोनों तरफ से फायरिंग हो रही थी और आख़िरकार वह मारा गया.''
पुलिस ने दो संदिग्धों के छिपे होने की आशंका जताई थी लेकिन मुठभेड़ खत्म होने के बाद एक संदिग्ध का ही शव मिला.
पुलिस और एटीएस के संयुक्त अभियान में मकान की छत को ड्रिल करके कैमरे से अंदर की गतिविधियों की जानकारी ली गई.
पुलिस ने संदिग्ध को जिंदा पकड़ने के लिए मिर्ची बम का इस्तेमाल भी किया लेकिन अंतत: उसकी मौत हो गई.
संदिग्ध की ओर से भी लगातार गोलीबारी की गई. मिर्ची बम की वजह से आस-पास के लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने संदिग्ध के पास से एक पिस्टल, एक रिवॉल्वर और एक चाकू बरामद करने का दावा किया है.
वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ घटना को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों को भी मिर्ची बम के कारण खांसी और दम घुटने की समस्या पेश आई.
इससे पहले यूपी पुलिस के प्रवक्ता राहुल श्रीवास्तव ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा को बताया कि संदिग्ध चरमपंथियों की संख्या एक से ज़्यादा हो सकती है. पहले माना जा रहा था कि वहाँ एक ही संदिग्ध है.
प्रवक्ता के मुताबिक संदिग्ध पिस्टल से फ़ायरिंग कर रहे हैं और उन्हें ज़िंदा पकड़ने की कोशिश की जा रही है.
अभियान
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाक़े में एक संदिग्ध चरमपंथी को पकड़ने के लिए आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस ने मंगलवार दोपहर से अभियान चलाया हुआ था.
उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता राहुल श्रीवास्तव ने बीबीसी को बताया कि घेरे गए एक संदिग्ध का नाम सैफ़ुल है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध चरमपंथी के तार मध्य प्रदेश में शाहजहाँपुर के पास मंगलवार सुबह भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में हुए विस्फोट से जुड़े हैं. इस धमाके में कम-से-कम आठ लोग घायल हो गए थे.
कैसे क्या हुआ
- मध्य प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) राजीव टंडन ने बीबीसी को बताया कि सुबह विस्फोट की खबर मिलने के बाद एटीएस और लोकल पुलिस घटनास्थल पर गई.
- उन्होंने बताया कि सूचनाओं के आधार पर तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया.
- धमाके की जाँच करने पर पता चला कि ये आईईडी से किया गया धमाका था. मध्य प्रदेश के सुरक्षाकर्मियों ने इन सभी सूचनाओं को केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया.
- मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इन्हीं गोपनीय जानकारियों के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस कार्रवाई कर रही है.
- केंद्रीय खुफ़िया एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर हरक़त में आई यूपी पुलिस ने कानपुर और लखनऊ में कार्रवाई की.
- यूपी पुलिस के प्रवक्ता राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर से फ़ैज़ान और इमरान नाम के दो संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
- उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दलजीत चौधरी का कहना है कि संदिग्ध ठाकुरगंज इलाके में हाजी कालोनी में एक घर में छिपा है जो घनी आबादी वाला इलाक़ा है.
- दलजीत चौधरी ने कहा कि संदिग्ध चरमपंथियों का सीधा संबंध मध्य प्रदेश में ट्रेन में हुए बम धमाकों से है या नहीं इसकी पुष्टि की जानी बाक़ी है.