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गुरुवार, 26 जुलाई, 2007 को 13:34 GMT तक के समाचार
 
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बहुत कुछ लेकर आ रहे हैं करण
 
करण जौहर
दो फ़िल्मों पर काम कर रहे हैं करण
अगर आप सोच रहे हैं कि जाने-माने निर्माता निर्देशक करण जौहर सिर्फ़ अपने टीवी चैट शो कॉफ़ी विद करण में व्यस्त हैं, जो आप ग़लत सोच रहे हैं.

ये ज़रूर है कि काफ़ी दिनों से करण की निर्देशित फ़िल्म नहीं आई है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वे अपना पहला प्यार यानी फ़िल्म निर्माण से दूर हैं.

करण इस समय अपने सहायक तरुण मनसुखानी के साथ एक फ़िल्म बनाने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं. इस फ़िल्म के लिए करण अभिषेक बच्चन और उनकी पत्नी ऐश्वर्या बच्चन को लेना चाहते हैं.

माना जा रहा है कि इस फ़िल्म में सैफ़ अली ख़ान को भी लिया जाएगा. लेकिन अभी तक सिर्फ़ अभिषेक के फ़िल्म में काम करने की पुष्टि हो पाई है.

इसके अलावा करण जौहर सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ भी एक फ़िल्म बनाने की सोच रहे हैं. सिद्धार्थ मल्होत्रा ने फ़िल्म कल हो ना हो और विवाह में बतौर सहायक काम किया था. इस फ़िल्म के कलाकारों का चयन होना बाक़ी है.

इसके अलावा करण जौहर की एनीमेशन फ़िल्म कुची कुची होता है जल्द ही रिलीज़ होने वाली है. करण जौहर की एनीमेशन फ़िल्म की कहानी उन्हीं की कुछ कुछ होता है की होगी. लेकिन फ़िल्म में इंसानों की बजाए कुत्ते होंगे.

कुची कुची होता है

यानी उनकी एनीमेशन फ़िल्म तीन कुत्तों की प्रेम कहानी होगी. एक कुत्ता शाहरुख़ ख़ान का किरदार निभाएगा. एक कुतिया बनेगी काजोल और दूसरी रानी मुखर्जी.

कुछ कुछ होता है का एनीमेशन बना रहे हैं करण

लेकिन जहाँ कुछ कुछ होता है तीन घंटे की फ़िल्म थी, कुची कुची होता है दो घंटों से कम की फ़िल्म होगी. करण के लिए ये फ़िल्म तरुण मनसुखानी ही बना रहे हैं.

पिछले साल करण जौहर ने लंबे समय बाद पिछले साल फ़िल्म निर्देशित की थी. फ़िल्म कभी अलविदा ना कहना ने अपने बोल्ड विषय के कारण चर्चा तो बटोरी लेकिन भारत में फ़िल्म नहीं चल पाई.

करण जौहर की पहली फ़िल्म थी कुछ कुछ होता है. वर्ष 1998 में आई ये फ़िल्म सुपरहिट रही थी और करण देश के शीर्ष निर्देशकों में शुमार होने लगे थे.

इसके बाद 2001 में उन्होंने कभी ख़ुशी कभी ग़म बनाई. इस फ़िल्म ने भी बॉक्स ऑफ़िस पर अपार सफलता हासिल की. लेकिन इसके बाद करण ने पाँच साल तक फ़िल्म निर्देशित नहीं की.

इस बीच उन्होंने निर्माता के रूप में 2003 में कल हो ना हो और 2005 में काल बनाई. कल हो ना हो तो ख़ूब चली लेकिन काल नहीं चल पाई.

 
 
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