BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
गुरुवार, 07 जून, 2007 को 11:49 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
रीमिक्सिंग से नाराज़ राहत फतेह अली
 

 
 
राहत फ़तेह अली ख़ान
राहत फ़तेह अली ख़ान के चाचा स्वर्गीय नुसरत अली ख़ान भी भारत में काफ़ी लोकप्रिय रहे
बॉलीवुड गीतों को अपने ख़ास सूफियाना अंदाज़ में गाने वाले गायक राहत फ़तेह अली ख़ान का कहना है कि पुराने गानों की रीमिक्सिंग वैसी है जैसे किसी बूढ़े बुजुर्ग को जींस पहना देना.

संगीत के बढ़ते पाश्चात्यीकरण से नाराज़ ख़ान कहते हैं कि पुराने गाने हमेशा सदाबहार रहते हैं क्योंकि उनमें रूह होती है, शुद्धता होती है और ताज़गी होती है.

वो कहते हैं '' हर संगीत का अपना तरीक़ा है. कोई सुर को किसी तरीक़े से देखता है, कोई लय पर ज़ोर देता है. बात वही रहती है..अंदाज़ बदल जाते हैं.

भारतीय संगीतकारों के साथ काम करने में राहत फ़तेह अली को बहुत प्रसन्नता होती है. उनके प्रिय संगीतकारों में शंकर महादेवन और विशाल भारद्वाज हैं.

लेकिन आर डी बर्मन के साथ काम नहीं करने का अफ़सोस राहत अभी भी जताते हैं.

राहत को उनके गुरु और चाचा नुसरत फतेह अली ख़ान के वारिस के रूप में भी देखा जाता है.

बॉलीवुड में उनके गायन की शुरुआत 1998 में ज़ी सिने अवार्ड के एक समारोह से हुई जिसमें उन्होंने लागी तुमसे मन की लगन गीत गाया था.

ये गाना पूजा भट्ट को इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे अपनी फ़िल्म ‘पाप’ के लिए ले लिया. और फिर वहाँ से बॉलीवुड फ़िल्मों में गाने का सिलसिला शुरू हुआ, जो निरंतर चल रहा है.

अब तक वो कई बेहतरीन गीत गा चुके हैं जिनमें जिया धड़क-धड़क जाए... (कलयुग) और ओमकारा का गीत नैणां ठग लेंगे... जैसे गाने शामिल हैं.

इस समय झूम बराबर झूम में उनका गाया गाना-बोल न हल्के-हल्के हो भी काफी लोकप्रिय हो रहा है.

भारत में लोगों से मिले प्यार से अभिभूत दिखे राहत कहते हैं कि भारत और पाकिस्तान में कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं है....फ़र्क़ है तो सिर्फ़ एक बाड़ का.

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
इस बार वैलेंटाइन डे पर तन्हा हूँ: मीका
13 फ़रवरी, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
थिरक उठे पाँव..झूम उठे लोग
25 मार्च, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
यश मालवीय के दोहे
06 अप्रैल, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
ये हम नहीं... एक तस्वीर
14 अप्रैल, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
'परवीन-नमकीन' तीखा निकला
22 मई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>