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शुक्रवार, 27 फ़रवरी, 2004 को 20:38 GMT तक के समाचार
 
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ऋतिक रोशन और उर्मिला सर्वश्रेष्ठ
 

 
 
ऋतिक रोशन
ऋतिक रोशन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुने गए
फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों के बाद राकेश रोशन की फ़िल्म कोई मिल गया को एक बार फिर ढ़ेरों पुरस्कार मिले और इस बार मौक़ा था ज़ी सिने पुरस्कारों का.

दुबई में गुरुवार रात को हुए रंगारंग कार्यक्रम में इन पुरस्कारों का ऐलान हुआ.

इस पुरस्कार में भी कोई मिल गया का ही दबदबा रहा. ऋतिक रोशन को एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला.

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला फ़िल्म भूत के लिए उर्मिला मतोंडकर को मिला.

कोई मिल गया को कुल पाँच श्रेणी में पुरस्कार मिले. राकेश रोशन को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला.

कोई मिल गया को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार के लिए चुना गया. कोई मिल गया के लिए ही गणेश हेगड़े को सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देशक का पुरस्कार मिला.

इसके साथ-साथ स्पेशल इफ़ेक्ट के लिए भी कोई मिल गया को ही चुना गया.

अन्य पुरस्कार

मुन्नाभाई एमबीबीएस को भी चार पुरस्कार मिले. इस फ़िल्म के लिए राजकुमार हिरानी को सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार मिला.

भूत के लिए उर्मिला सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री बनीं

अरशद वारसी को मुन्नाभाई एमबीबीएस के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का पुरस्कार दिया गया.

इस फ़िल्म को सर्वश्रेष्ठ डायलॉग और सिनेऑटोग्राफी के लिए भी पुरस्कार दिए गए.

अमृता प्रीतम के उपन्यास पर बनी फ़िल्म पिंजर को भी इस समारोह में सराहा गया.

अमृता प्रीतम को इस फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार के पुरस्कार के लिए चुना गया.

इसके अलावा इस फ़िल्म को कहानी, कला निर्देशन और कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग के लिए भी पुरस्कार मिले.

सैफ़ अली ख़ान को फ़िल्म कल हो न हो के लिए सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता और फ़िल्म तहज़ीब के लिए शबाना आज़मी को सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री का पुरस्कार मिला.

फुटपाथ के लिए राहुल देव को सर्वश्रेष्ठ खलनायक का पुरस्कार मिला. जबकि कुछ न कहो के लिए साधना सरगम सर्वश्रेष्ठ गायिका बनी.

सर्वश्रेष्ठ गायक चुने गए शान फ़िल्म झंकार बीट्स के लिए.

नवोदित कलाकारों में तेरे नाम के लिए भूमिका चावला और इश्क़ विश्क़ के लिए शाहिद कपूर को पुरस्कार मिले.

रंगारंग कार्यक्रम

फ़िल्मी जगत की जानी-मानी हस्तियों ने एयरपोर्ट एक्सपो में हुए इस समारोह में हिस्सा लिया और यहाँ मौजूद हज़ारों प्रवासी भारतीयों ने अपने चहेते सितारों को स्टेज पर नाचते-गाते भी देखा.

 ज़ी सिने पुरस्कार भारतीय फ़िल्मों की प्रतिभा का सबसे बड़ा नमूना है. भारतीय फ़िल्मों की प्रतिष्ठा रोज़ बढ़ रही है और ऐसे समारोह बॉलीवुड को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने की एक और कोशिश है
 
मनीष वशिष्ठ, ज़ी इंटरनेशनल के वाइस प्रेसिडेंट

ज़ी नेटवर्क ने पहली बार भारत से बाहर यह पुरस्कार समारोह आयोजित कराया था.

चार घंटे चले इस समारोह में सात हज़ार लोग मौजूद थे. जाने-माने निर्देशक करण जौहर और अभिनेत्री जूही चावला ने कार्यक्रम का संचालन किया.

इस समारोह की तैयारी काफ़ी समय से चल रही थी और दुबई शहर का चुनाव सोच-समझकर किया गया था.

मध्य-पूर्व में ज़ी टेलीफ़िल्म्स इंटरनेशनल के वाइस प्रेसीडेंट मनीष वशिष्ठ ने कहा, "ज़ी सिने पुरस्कार भारतीय फ़िल्मों की प्रतिभा का सबसे बड़ा नमूना है. भारतीय फ़िल्मों की प्रतिष्ठा रोज़ बढ़ रही है और ऐसे समारोह बॉलीवुड को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने की एक और कोशिश है."

पुरस्कारों के बारे में ज़ी नेटवर्क के स्पेशल प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश राधाकृष्णन ने कहा, "इस साल के विजेताओं को एक लंबी वोटिंग प्रक्रिया के बाद चुना गया."

इस मौक़े पर एक कार कंपनी ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री को एक-एक कार भेंट की.

 
 
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