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शनिवार, 01 नवंबर, 2003 को 13:03 GMT तक के समाचार
 
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'शेखर ने दिरहम में दिया साइनिंग अमाउंट'
 

 
शेखर कपूर, रहमान, एंड्रयू वेबर लॉयड
शेखर कपूर इस फ़िल्म से बतौर निर्माता सामने आ रहे हैं
 

जाने-माने संगीतकार और निर्देशक विशाल भारद्वाज का कहना है कि शेखर कपूर के साथ आने वाली उनकी नई फ़िल्म 'मंत्र' सिर्फ़ बच्चों को ही नहीं बल्कि 'बड़ों के अंदर छुपे बच्चों' को भी पसंद आएगी.

निर्देशक शेखर कपूर इस फ़िल्म के साथ निर्माता के रूप में पहली बार मैदान में उतर रहे हैं और फ़िल्म की कहानी पर अभी काम हो रहा है.

बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में विशाल भारद्वाज ने बताया कि अभी इसकी स्क्रिप्ट पर काम शुरू होने वाला है.

'मंत्र' के निर्देशन के बारे में उन्होंने बताया कि मोरक्को में अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह के दौरान शेखर कपूर ने उनके सामने इस फ़िल्म का प्रस्ताव रखा था.

प्रस्ताव

इस फ़िल्म समारोह में विशाल भारद्वाज की चर्चित फ़िल्म 'मक़बूल' दिखाई गई जो शेखर कपूर को काफ़ी पसंद आई.

 

 मोरक्को में फ़िल्म समारोह के दौरान हम अक्सर साथ-साथ घूमा करते थे. उसी दौरान शेखर कपूर ने 'मंत्र' की कहानी सुनाई जो मुझे पसंद आई. मैंने कहानी में थोड़ा सुधार किया

विशाल भारद्वाज

 

विशाल भारद्वाज ने बताया, "मोरक्को में फ़िल्म समारोह के दौरान हम अक्सर साथ-साथ घूमा करते थे. उसी दौरान शेखर कपूर ने मंत्र की कहानी सुनाई जो मुझे पसंद आई. मैंने कहानी में थोड़ा सुधार किया."

विशाल के अनुसार वहीं शेखर कपूर ने उन्हें मंत्र के निर्देशन की पेशकश की और कहा कि वे इस फ़िल्म का निर्माण करेंगे.

विशाल ने बताया कि शेखर कपूर ने वहीं साइनिंग अमाउंट के रूप में अपनी जेब से दिरहम निकालकर उन्हें दे दिए.

निर्देशक या संगीतकार

मासूम, मिस्टर इंडिया, बैंडिन क्वीन, एलिज़ाबेश और फ़ोर फ़ेदर्स के निर्देशक के रूप में शेखर कपूर ने खूब वाहवाही लूटी है.

 

 फ़िल्म में संगीत एक डिपार्टमेंट होता है जबकि निर्देशन पूरा अलग डिपार्टमेंट होता है. निर्देशक के रूप में आप सब डिपार्टमेंट में अपनी मनमानी कर सकते हैं

विशाल भारद्वाज

 

विशाल निर्देशन के साथ-साथ इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट भी लिखेंगे और इसमें उनका साथ निभाएँगे अब्बास टायरवाला.

यह पूछे जाने पर कि क्या वे पूरी तरह निर्देशन की ओर मुड़ चुके हैं, विशाल ने कहा कि यह सही है कि वे निर्देशन की ओर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं.

विशाल ने कहा, "फ़िल्म में संगीत एक डिपार्टमेंट होता है जबकि निर्देशन पूरा अलग डिपार्टमेंट होता है. निर्देशक के रूप में आप सब डिपार्टमेंट में अपनी मनमानी कर सकते हैं."

लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर उन्हें अच्छे प्रस्ताव मिलेंगे, कहानी और फ़िल्म अच्छी होगी तो वे निश्चित रूप से संगीतकार की हैसियत से भी काम करना चाहेंगे.

 
 
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