मिलिए कार्टूनिस्ट और 'प्लंबर' आबिद सुरती से

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चर्चित कार्टूनिस्ट और लेखक 80 वर्षीय आबिद सुरती कुछ वर्षों से लोगों के घरों में टपकते नल और पाइपलाइन निशुल्क ठीक करते हैं.

बीबीसी से बात करते हुए आबिद कहते हैं, "मैं पानी की अहमियत अच्छे से समझता हूं, मैंने अपने जीवन में काफी समय फुटपाथ पर भी गुज़ारा है और लोगों को पानी के लिए तरसते देखा है."

आबिद आगे बताते हैं, "एक बार मैं अपने एक मित्र के घर गया वहा मैंने बहते हुए नल से पानी ज़ाया होते देखा. मुझे बहुत दुख हुआ और उस दिन मैंने ये अभियान शुरू करने की ठान ली."

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आबिद सुरती ने 2007 में अभियान 'द ड्राप डेड फाउंडेशन' की शुरूआत की और पहले ही वर्ष हज़ारों घरों में जाकर लोगों को पानी बचाने के लिए सचेत किया.

वे बताते हैं, "करीब 400 से भी ज़्यादा ऐसे नल थे जिनसे पानी टपक रहा था, लोगों को अंदाज़ा भी नहीं होता की बूंद-बूंद से कितना पानी बह जाता है. इन सभी नलों को मैंने ठीक करना शुरू किया और अंदाज़न 4 लाख़ लीटर से भी ज़्यादा पानी बचा होगा."

इस अभियान की शुरूआत आबिद ने अकेले की थी लेकिन आज उनके साथ काफी लोग जुड़ गए हैं.

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आबिद कहते हैं, "हम हर सोमवार को एक बिंल्डिंग चुन लेते हैं, आम तौर पर हम कोई चौल या ऐसी जगह देखते हैं जहा गरीब लोगों की आबादी ज़्यादा हो. हम वहां जाकर अपने अभियान के पोस्टर लगाते हैं. सप्ताह के अंत में हम उनके घर जाकर खराब नलों की मरम्मत करते हैं."

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मुंबई के मीरा रोड इलाके में रहने वाली एक महिला ने बीबीसी को बताया, "मुंबई जैसे शहर में कोई किसी के बारे में इतना ध्यान नहीं देता. जब मुझे इस अभियान के बारे में पता चला तो मैंने अपने बच्चों को भी पानी बचाने की सलाह दी."

वे आगे बताती हैं, "आज उनकी वजह से हमारे बच्चे पानी की अहमियत समझने लगे हैं."

उसी इलाके में रहने वाली पूजा का मानना है, "जब से आबिद जी ने हमें पानी बचाने के बारे में बताया उस दिन के बाद से हमारे परिवार में सभी लोग पानी की एक-एक बूंद बचाते हैं."

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