BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
सोमवार, 17 नवंबर, 2008 को 14:03 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
सिटीग्रुप में हज़ारों नौकरियाँ जाएँगी
 
सिटीग्रुप
सिटीग्रुप 75 हज़ार कर्मचारियों को निकालेगा
दुनिया के सबसे बड़े बैंकों में से एक सिटीग्रुप पर आर्थिक संकट की ज़बरदस्त मार पड़ी है. इस अमरीकी बैंक ने 52 हज़ार और नौकरियों में कटौती करने की घोषणा की है.

पहले बैंक ने 23 हज़ार नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी और अब ये संख्या बढ़कर 75 हज़ार हो गई है.

ये कटौती दुनियाभर के सिटीग्रुप बैंकों में की जाएगी. सिटीग्रुप ने एक बयान में कहा है कि कंपनी कर्मचारियों की संख्या में 20 फ़ीसदी की कटौती कर रही है.

यानी कटौती के बाद दुनियाभर में सिटीग्रुप के सिर्फ़ तीन लाख कर्मचारी रह जाएँगे. कर्मचारियों की छँटनी के अलावा सिटीग्रुप अपनी कई ईकाइयों को भी बंद करके बचत करेगा.

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के कारण सिटीग्रुप को पिछले साल 20 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ था.

बैंक ने स्पष्ट किया है कि उनका काम मज़बूत है और राजस्व की कमाई भी स्थिर है. सिटीग्रुप ने अपने बयान में कहा है कि बैंक के पास पूँजी का संकट नहीं है.

सिटीग्रुप को उम्मीद है कि नौकरियों में कटौती के कारण उसके ख़र्च में 20 फ़ीसदी की कमी आएगी.

गठन और समस्या

सिटीग्रुप का गठन 10 साल पहले अमरीकी बैंकों के एक बड़े विलय के ज़रिए हुआ था.

इसके बाद दो-हज़ार के दशक में इसने तेज़ी से पाँव पसारना शुरु किया, और देखते-ही-देखते क़रीब 100 देशों में सिटीग्रुप के बैंक और कार्यालय खुल चुके थे.

अब इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छँटनी की घोषणा के बाद विश्लेषक यही कह रहे हैं कि सिटीग्रुप ने अपनी क्षमता से कहीं ज़्यादा विस्तार कर लिया था.

जब दुनिया वित्तीय संकट की चपेट में आ गई तो सिटीग्रुप के लिए अपने बल पर बाज़ार में खड़ा रह पाना असंभव लगने लगा. दरअसल साल भर में ही इसके शेयरों के दाम में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.

अब अपने बल पर टिके रहने के प्रयासों के तहत ही सिटीग्रुप ने 50 हज़ार कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की है.

दुनिया भर में पौन-चार लाख लोगों को नौकरियों पर रखने वाले इस वित्तीय समूह ने 23 हज़ार कर्मचारियों की छँटनी करने की पहले से ही घोषणा कर रखी है.

लेकिन इसके बाद भी विश्लेषक यही मान रहे हैं कि सिटीग्रुप के वर्ष 2010 से पहले मुनाफ़े में आने की संभावना नहीं है.

 
 
कहाँ गए वो ग्राहक
अमरीकी खुदरा बाज़ार में तेज़ गिरावट ने चिंता को और गहरा दिया है.
 
 
अनाज महँगाई पर लगाम
भारत में महंगाई की दर घटकर 8.98 फ़ीसदी के स्तर पर आ गई है.
 
 
बेहाल बाज़ार का हाल
दुनिया को तेज़ी से अपनी गिरफ़्त में लेते आर्थिक संकट का रोज़नामचा.
 
 
 एसोचैम नौकरियों में कटौती...?
उद्योग संस्था एसोचैम अपने पहले के बयान से पीछे हटा, कहा रिपोर्ट में ख़ामी है.
 
 
शेयर शेयरों में सूनामी
भारतीय शेयर बाज़ार पर पड़ी मंदी की मार. एक विशेष प्रस्तुति.
 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>