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किसानों को कर्ज़ नहीं देने का फ़ैसला वापस
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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने किसानों को ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के लिए कर्ज़ नहीं देने का फ़ैसला वापस ले लिया है. इस फ़ैसले
का कड़ा विरोध हुआ था.
एसबीआई के चेयरमैन ओपी भट्ट ने मुंबई से जारी बयान में कहा है, "ये सर्कुलर तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है." भारत के सबसे बड़े बैंक के इस फ़ैसले का राजनीतिक दलों और किसान संगठनों ने कड़ा विरोध किया था. एसबीआई ने अभी तक ट्रैक्टर और दूसरे कृषि उपकरणों के लिए किसानों को सात हज़ार करड़ो रूपए का कर्ज़ दिया है लेकिन इसका 17 फ़ीसदी हिस्सा ग़ैर उत्पादक संपत्तियां (एनपीए) मान ली गई हैं.
एनपीए बैंक लोन का वो हिस्सा होता है जिसकी वापसी की संभावना न के बराबर होती है. एसबीआई के चेयरमैन ओपी भट्ट ने विवादास्पद सर्कुलर के बारे में बुधवार को कहा कि इसका मकसद बैंक की शाखाओं को एनपीए के बारे में सजग करना था.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कृषि ऋणों की अदायगी की तुलना में वसूली बहुत कम हो रही है. ओपी भट्टा का कहना था, "हमारे देश के कई हिस्सों में ट्रैक्टर के लिए जो कर्ज लिए गए उसे किसानों ने वापस ही नहीं किया." एसबीआई ने वित्त वर्ष 2008-09 में कृषि ऋणों की अदायगी का लक्ष्य 33 फ़ीसदी बढ़ा कर 13 हज़ार 400 करोड़ रूपए कर दिया है. |
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