You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सीरिया के राष्ट्रपति असद क्या देश छोड़ चुके हैं? आधिकारिक खंडन के बावजूद सीरिया में गर्म है अफ़वाहों का बाज़ार
- Author, सेबेस्टियन अशर
- पदनाम, बीबीसी मध्य पूर्व मामलों के संपादक
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
सीरिया की राजधानी दमिश्क में इस समय माहौल असमंजस और डर का है. विद्रोही लगातार दमिश्क के क़रीब आ रहे हैं और लोग यह पता लगाने में असमर्थ हैं कि दरअसल चल क्या रहा है.
दमिश्क के आसपास के कई कस्बों और गांवों में राष्ट्रपति बशर अल-असद के खानदान की शक्ति के प्रतीकों को या तो तोड़ दिया गया है, या गिरा दिया गया है. देश के कई बड़े शहरों में असद और उनके परिवार के लोगों की भीमकाय मूर्तियां गिराए जाने के वीडियो सामने आए हैं.
लेकिन सीरिया के गृह मंत्रालय का कहना है कि वह राजधानी के चारों ओर एक मज़बूत रक्षात्मक घेरा बना रहा है.
हालांकि सरकारी सेनाएं देशभर में विद्रोही गुटों के कब्जे़ में आए शहरों, कस्बों और गांवों में ऐसी कोई सुरक्षा देने में नाकाम रही हैं.
राष्ट्रपति बशर अल-असद इस वक्त कहां हैं, इसको लेकर अफ़वाहें उड़ रही हैं.
लोग यह पता लगाने के लिए दमिश्क से आने-जाने वाली उड़ानों पर नज़र रख रहे हैं. सभी यह जानना चाहते हैं कि असद देश में हैं, या चले गए हैं.
राष्ट्रपति असद के कार्यालय ने ऐसी सभी रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा है कि वह अभी भी दमिश्क में हैं और अपना काम नियमित रूप से कर रहे हैं.
लेकिन हक़ीक़त ये है कि पिछले कई दिनों से वो सार्वजनिक रूप से देखे नहीं गए हैं और उनका कोई अता-पता नहीं है.
सीरिया इस वक़्त एक विभाजित देश बना हुआ है, जहां वर्षों से चले आ रहे गृहयुद्ध के गहरे घाव अभी तक नहीं भरे हैं.
क़रीब दस दिन पहले तक, लगभग चार वर्षों से वहां गतिरोध और यथास्थिति बनी हुई थी. और फिर अचानक विद्रोही लड़ाकों की अप्रत्याशित जीत का सिलसिला शुरू हुआ.
बीते दो-तीन दिनों में एक के बाद एक शहर उनके कब्ज़े में आते गए. अब विद्रोहियों ने कहा है कि सीरिया का तीसरा सबसे बड़ा शहर होम्स भी उनके कब्ज़े में आ गया है.
देश में चल रहे गृह युद्ध के दौरान धीरे-धीरे राष्ट्रपति बशर अल-असद के अपने साथी अरब नेताओं से रिश्ते थोड़े-बहुत सुधर चुके हैं लेकिन युद्ध के बावजूद सीरिया के लोगों के लिए एक बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है.
वर्षों से चले आ रहे घातक संघर्ष के बावजूद राष्ट्रपति असद की देश में उपस्थिति, सत्ता पर ढीली ही सही पर उनकी पकड़ की मुहर है.
अगर वह अब देश छोड़ देते हैं तो सत्ता का एक शून्य फिर से उभरेगा. फ़िलहाल इस बात का कोई स्पष्ट संकेत नहीं है कि इसे कैसे और कौन भरेगा.
उनकी जगह सत्ता संभालने के लिए कोई एकजुट विपक्ष मौजूद नहीं है. विद्रोही गुटों में विभाजन और आपसी लड़ाई का इतिहास रहा है.
राष्ट्रपति असद के ख़िलाफ़ नए विद्रोह का नेतृत्व करने वाले समूह की नींव अल-क़ायदा के चरमपंथ पर टिकी है.
इसके नेता ने सीरिया के अन्य समुदायों को आश्वस्त करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा है कि वो अपनी विचारधारा उन पर नहीं थोपेंगे, लेकिन लोग इस बात से आशंकित हैं कि आगे क्या होगा.
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सीरिया में हालात और भी बदतर होते जाएंगे और लोगों की मुसीबतें बढ़ती जाएंगी.
पहले से ही बेहद अस्थिर यह देश, एक ऐसे इलाके़ में है जो और भी लड़ाइयां देख रहा है. सीरिया के ख़राब होते हालात और भी ख़तरनाक अशांति को बढ़ावा दे सकते हैं.
लेकिन अभी फ़िलहाल, देश के अंदर और बाहर रह रहे सीरियाई लोगों को अपनी घर वापसी की एक उम्मीद है, जो कि प्रदर्शनों और असहमति पर असद सरकार के हिंसक दमन से शुरू हुई जंग में खो गए थे.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)