गंगा में इफ़्तार का मामला: चिकन बिरयानी खाने के आरोप में गिरफ़्तार 14 लोगों की ज़मानत याचिका ख़ारिज

पुलिस के साथ खड़े 14 युवक

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इमेज कैप्शन, वाराणसी पुलिस ने इस मामले में 14 युवकों को गिरफ़्तार किया है
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी में एक नाव पर इफ़्तार पार्टी के दौरान मांस खाने और हड्डियां नदी में फेंकने के आरोप में गिरफ़्तार 14 युवकों की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी गई है.

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी ने सुनवाई के दौरान ये आदेश सुनाया.

ये मामला कोतवाली थाना क्षेत्र से संबंधित है.

अभियुक्तों के ख़िलाफ़ धारा 298, 299, 196(1)(b), 279, 223(b), 308(5) बीएनएस और 67 आईटी एक्ट के तहत केस पंजीकृत किया गया था.

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्तों ने गंभीर किस्म का अपराध किया है, जिसमें कठोर दंड का प्रावधान है.

अभियोजन ने यह भी दलील दी कि यदि उन्हें ज़मानत दी जाती है तो इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

न्यायालय ने अभियोजन और अभियुक्त पक्ष की दलील सुनने के बाद अपने आदेश में उल्लेख किया कि अभियुक्तों के ख़िलाफ़ प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप स्थापित होते हैं और विवेचना की वर्तमान स्थिति को देखते हुए ज़मानत का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता.

'पुलिस की कार्रवाई अफ़सोसजनक'

वहीं अंजुमन मसाजिद के संयुक्त सचिव एस एम यासीन ने मामले पर कहा, " अफ़सोस है उन 14 घर-परिवार के लिए जिनके सदस्य एक ग़ैर इरादतन कार्य के लिए जेल में हैं. इनके साथ हमदर्दी के सिवा कुछ भी नहीं. "

उन्होंने कहा, "इन लोगों पर आरोप लगाने वाले लोग इस हक़ीक़त से बेपरवाह हैं कि असल में गंगा किन वजहों से अपवित्र हो रही है."

उन्होंने आगे कहा कि, "इस मामले में पुलिस की तत्परता ने सबको अचंभे में डाल दिया है. नाव और नाविक के हाइजैक और अपहरण जैसी फिल्मी पटकथा के आधार पर ऐसी धारायें बढ़ा दी गई हैं कि रासुका की मांग होने लगी. पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए."

क्या था मामला?

वाराणसी के कोतवाली थाने को सोमवार को मिली एक शिकायत के आधार पर एक अज्ञात के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है.

ये शिकायत वाराणसी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने दी थी.

इस मामले में एफ़आईआर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धार्मिक स्थलों में बाधा डालने, विभाजनकारी और सरकारी आदेश की अवहेलना से जुड़ीं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की 298, 299, 196 (1) (बी), 270, 279, 223 (बी) से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज की गई है.

इस मामले में जल (प्रदूषण का निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 24 को भी जोड़ा गया है.

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने 14 युवकों की गिरफ़्तारी की पुष्टि की है.

पुलिस ने क्या बताया?

एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह

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इमेज कैप्शन, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने कहा है कि इस मामले में कई टीमों के गठन के बाद गिरफ़्तारियां हुई हैं

एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया, "सोमवार 16 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ लोग मां गंगा के पवित्र जल में एक बोट में इफ़्तार पार्टी करते नज़र आ रहे हैं. इस वीडियो में कुछ ऐसा लग रहा है कि चिकन बिरयानी का सेवन किया जा रहा है."

"इस संबंध में हमें जानकारी मिली तो तुरंत एक शिकायत के आधार पर एक मुक़दमा दर्ज किया गया. इसमें कई टीमें बनाई गईं और अभी तक 14 लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ़्तार किया गया है. बाकी लोगों की भी तलाश की जा रही है."

विजय प्रताप सिंह ने कहा कि वीडियो में युवकों की पहचान और टीमों की कार्रवाई के बाद इतनी गिरफ़्तारियां हुई हैं.

शिकायतकर्ता ने क्या कहा?

वाराणसी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष रजत जायसवाल

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इमेज कैप्शन, भारतीय जनता युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष रजत जायसवाल का कहना है कि दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए
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वाराणसी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष रजत जायसवाल के कोतवाली थाने में एफ़आईआर दर्ज कराने के बाद यह कार्रवाई की गई है.

रजत जायसवाल ने आरोप लगाया, "कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा बिंदू माधव धरहरा मंदिर के सामने गंगाजी में इफ़्तार पार्टी के नाम पर नॉनवेज खाया गया है."

"बिंदू माधव धरहरा को आलमगीर मस्जिद बताया गया जबकि उसका नाम आलमगीर मस्जिद नहीं है. मुस्लिम युवकों द्वारा जिस तरह से मांस का सेवन किया गया है ये सनातन धर्म के अनुयायियों को बर्दाश्त नहीं है. हम इसका सख़्त विरोध करते हैं."

"इसको लेकर हमने प्रशासन को एक शिकायत दी थी जिस पर कार्रवाई की जा रही है. वीडियो सबूत हमने प्रशासन को दिया है जिसमें साफ़-साफ़ दिख रहा है कि वो नॉनवेज खा रहे हैं, और गंगाजी में उस पार जाकर उन्होंने हड्डियां फेंकी हैं. इसमें जो भी दोषी होगा उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी."

नाव पर रोज़ा इफ़्तार करने की वाराणसी के अंजुमन इन्तेज़ामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने निंदा की है.

उन्होंने कहा कि आज (मंगलवार) पता चला कि कुछ युवा नाव पर रोज़ा इफ्तार कर रहे थे, इस्लाम में इसके लिए कहीं जगह नहीं है और इफ़्तार एक शुद्ध धार्मिक कार्य है, जो कि कोई पिकनिक नहीं है. इफ़्तार के बाद तुरंत मग़रिब की नमाज़ ज़रूरी है.

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया, "बेशक मुसलमानों का शोषण करने के लिए इनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर हुई है, इसमें कोई दो राय नहीं है."

(अतिरिक्त रिपोर्टिंग सुशांत मुखर्जी)

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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